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Almora: हवलदार दीवान सिंह को सलाम, यह नेक काम कर बचाई प्रसूता की जान

अल्मोड़ा। सेना व अर्द्धबलों के जांबाज सीमाओं की मुस्तैदी से रक्षा तो कर ही रहे हैं, लेकिन सामाजिक क्षेत्र में भी भागीदारी करने में यह जांबाज पीछे नहीं हटते। आईटीबीपी में तैनात हवलदार दीवान सिंह कड़ाकोटी ने बेस अस्पताल में भर्ती एक प्रसूता को अपना रक्त देकर नई जिंदगी दी है। इस प्रेरणादायक कार्य के लिए लोगों ने उनकी सराहना की है।

बेस अस्पताल में भर्ती कमला देवी का प्रसव होना था। महिला के प्रसव के लिए ब्लड ग्रुप ‘बी नेगेटिव’ की जरूरत थी। जिला अस्पताल में भी रक्त की अत्यधिक कमी है। जैसे ही इसकी सूचना ट्रेनिंग के लिए कोसी सेंटर पहुंचे भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस के हवलदार दीवान सिंह कड़ाकोटी को मिली तो उन्होंने अपने सहायक सेनानी रविशंकर सिंह से आज्ञा लेकर मंगलवार रात को अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। हवलदार दीवान पहले भी रक्तदान कर चुके हैं।

स्थानीय लोगों ने जवान के इस कार्य की सराहना की। कहा कि यह महज रक्तदान नहीं प्रेरणा है, विषम परिस्थितियों में भी यदि सहायता का जज्बा हो तो स्थितियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। रेड क्रॉस सोसायटी व अल्मोड़ा रक्त दान समूह ने हवलदार दीवान सिंह का आभार जताया है।

रक्तदाताओं ने दूर की रेयर नेगेटिव ग्रुप बी की क़िल्लत

ब्लड ग्रुप बी-नेगेटिव (B-Negative) जो एक रेयर ब्लड ग्रुप की कैटेगरी में आता है। यह ब्लड ग्रुप जल्दी उपलब्ध नहीं होता है। अल्मोड़ा नगर में वर्तमान में बी-नेगेटिव ब्लड ग्रुप के केवल चार ही रक्तदाता हैं। एक दिन पहले ही ज़िला अस्पताल के गम्भीर मरीज़ के लिए रक्त दाता समूह के वालंटियर सुमित वोहरा व मयंक मर्तोलिया ने बी नेगेटिव रक्तदान किया। इनके अलावा संदीप नयाल जिनका ब्लड ग्रुप बी-नेगेटिव है, उन्होंने 2 माह पहले रक्तदान किया था।

लोगों से की रक्तदान करने की अपील

रेड क्रॉस के प्रदेश प्रतिनिधि बी.एस. मनकोटी ने बी-नेगेटिव ब्लड ग्रुप वाले लोगों से रक्तदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा यह एक बेहत रेयर ब्लड ग्रुप है। ​इस कैटेगरी का रक्त उपलब्ध होने से किसी मरीज की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बी-नेगेटिव ब्लड ग्रुप के लोगों से अपना नाम दर्ज करवाने की अपील की है।

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