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वेतन बहाली आदेश नहीं हुआ तो होगा आंदोलन: भैसोड़ा

अल्मोड़ा। सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को समय से निशुल्क पाठ्य पुस्तकें नहीं मिलने पर महानिदेशक स्तर पर वेतन पर लगी रोक को लेकर कर्मचारियों में भयंकर आक्रोश है। कर्मचारियों ने कहा कि जून माह का वेतन नहीं मिलने से कार्मिकों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कार्मिकों ने कहा कि शीघ्र वेतन बहाली आदेश जारी नहीं किया गया तो कर्मचारी आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी।

एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पुष्कर सिंह भैसोड़ा ने कहा कि मिनिस्ट्रीयल कार्मिक पूरी निष्ठा के साथ विभागीय कार्यों को संपादित करते है। कार्यों में तत्पर रहने के बावजूद भी कार्मिकों का वेतन रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महानिदेशक स्तर पर आनन फानन में लिए गए फैसले से कार्मिकों को कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। जून माह का वेतन नहीं मिलने से कार्मिकों के सामने बच्चों की फीस, मकान किराया व अन्य ऋण जमा करने की भी समस्या उत्पन्न हो गई है।

जिलाध्यक्ष भैसोड़ा ने कहा कि विभाग को नीतियां बनाते समय गंभीरता दिखानी चाहिए। जिससे यह स्थिति उत्पन्न न हो। अब जबकि करीब सभी विद्यालयों में पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति हो रही है, ऐसे में मिनिस्ट्रीयल कार्मिकों का ही वेतन रोकने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कार्मिकों का जून माह का वेतन बहाली के आदेश करने की मांग की है। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

मंडलीय अध्यक्ष जगमोहन सिंह खाती व मंडल सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक ने भी कार्मिकों को वेतन न मिलने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि कार्मिकों द्वारा कार्य करने के बाद भी उनका वेतन रोका जाना अलोकतांत्रिक है। पाठ्य पुस्तकें वितरण कार्यक्रम में ब्लाकों में कर्मचारियों की कोई भूमिका नहीं होने के बाद भी वेतन रोका जाना दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है और जहां दायित्व दिया गया है वहां लगातार दिन और रात मिनिस्ट्रीयल कार्मिकों द्वारा कार्य किया जा रहा है।

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