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प्रदेश अध्यक्ष बी.एस. मनकोटी व महामंत्री अमित गर्ग
प्रदेश अध्यक्ष बी.एस. मनकोटी व महामंत्री अमित गर्ग

स्टाक तय होने से नारकोटिक और साइकोट्रापिक दवाओं की किल्लत शुरू, यूएवीएम ने उठाई यह मांग

इंडिया भारत न्यूज डेस्कः औषधि नियंत्रक उत्तराखंड की ओर से नारकोटिक और साइकोट्रापिक दवाईयो (Narcotic and psychotropic drugs) का स्टाक तय कर दिया गया है। औषधि नियंत्रक के इस आदेश के बाद प्रदेश में नारकोटिक और साइकोट्रापिक दवाईयों की किल्लत होनी शुरू हो गई है। उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ ने औषधि नियंत्रक से आदेश में शिथिलता प्रदान करने की मांग की है।

उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बी.एस. मनकोटी व महामंत्री अमित गर्ग ने प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि औषधि नियंत्रक, उत्तराखंड द्वारा पारित आदेश जिसमे रिटेल केमिस्ट होलसेलर दोनों के लिए 15 महत्वपूर्ण दवाओं की मांग बहुत ही न्यूनतम किये जाने का प्रावधान किया गया है, उन 15 महत्वपूर्ण दवाओं का इस्तेमाल मनोचिकित्सक के अलावा फिजिशियन, सर्जन व विभिन्न चिकित्सको द्वारा मरीजी के रोजमर्रा इलाज के लिए किया जाता है।

औषधि नियंत्रक उत्तराखंड द्वारा पारित आदेश के बाद रिटेल व होलसेल दोनों स्तर पर दवाओं की कमी होना शुरू हो गई है। दवाओं की रखने की प्रस्तावित मात्रा सभी कॉम्बिनेशन को मिलाकर विभिन्न मरीजों की जरूरत को देखते हुए काफी कम है जिसका विपरीत असर मरीजों के इलाज को सुचारू रूप से चलाने में निश्चित रूप से होगा। क्योंकि सभी दवाइयों मनोचिकित्सा के अलावा बीपी, दिल पेट तथा अन्य बीमारियों के मरीजी केे लिए भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि आदेश के अनुसार 15 दवाओं की न्यूनतम मात्रा रखने के अलावा उनका ब्योरा रखने की अनिवार्यता के साथ हर महीने की तारीख को औषधि नियंत्रक विभाग को समस्त सूचना भेजना भी अनिवार्य किया गया है। उसके अनुसार अधिकांश दवा व्यापारियों ने इस आदेश के अंतर्गत आने वाली दवाओं का स्टॉक वापिस भेजना शुरू कर दिया है, जिससे कि नारकोटिक और साइकोट्रापिक दवाओं की प्रदेश में किल्लत शुरू हो गयी है। दवाइयों कि इतनी कम मात्रा से मरीजों का पर्याप्त इलाज कर पाना मुश्किल होगा।

यूएवीएम अध्यक्ष बीएस मनकोटी ने कहा कि पूरे प्रदेश में पूर्व में भी सभी दवा विक्रेता उपरोक्त दवाओं की बिक्री का योग रखते रहे हैं। साथ ही डॉक्टर के पर्चे पर ही बेचते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ड्रग विभाग के अधिकारी किसी भी दवा विक्रेता के प्रतिष्ठान पर चेकिंग कर सकते है एवं इन दवाइयों का पूरा ब्यौरा देख सकते है।

उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ ने औषधि नियंत्रक से उत्तराखंड प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पूर्व में जारी किए आदेश में शिथिलता प्रदान किए जाने की मांग की हैं उन्होंने कहा कि सभी दवा विक्रेता के दवाईयों के दुरुप्रयोग के खिलाफ एकमत होकर ड्रग विभाग के साथ खड़े हैं।

इन दवाओं का हुआ स्टाक तय

ड्रग कंट्रोलर की ओर से पूर्व में जारी आदेश में कुल 13 दवाओं का स्टाक तय किया गया है। इसमें एल्प्राजोलाम, ट्रामाडोल, ट्रामाडोल इंजेशक्शन, कोडीन, पेंसिडिल, डाइजेपाम, डाइजेपाम इंजेक्शन, क्लोनाजेपाम, पेंटाजोनिक, निट्रेजापाम, निट्रेजापाम इंजेक्शन आदि को इस श्रेणी में शामिल किया गया है।

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