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Jagdish murder case: चौथे आरोपी की गिरफ्तारी पर हुआ बड़ा खुलासा, एक आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

अल्मोड़ाः जिले के भिकियासैंण में उपपा के युवा दलित नेता जगदीश चंद्र की हत्या मामले में अब एक के बाद एक परते खुल रही है। पुलिस ने मामले में एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। जगदीश हत्याकांड में अब कुल 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि हत्याकांड में शामिल एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इसमें 3 आरोपियों को राजस्व व पुलिस विभाग की टीम ने पूर्व में गिरफ्तार कर लिया था। जिसमें पीड़िता गीता उर्फ गुड्डी की मां भावना, सौतेला पिता जोगा सिंह व सौतेला भाई गोविंद सिंह शामिल हैं।

गीता की तलाश के लिए पहुंचे थे अल्मोड़ा

शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान एसएसपी प्रदीप कुमार राॅय ने बताया कि मामले की जांच कर रहे सीओ रानीखेत तिलक राम वर्मा ने न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद जेल में जाकर आरोपियों के बयान लिए और घटनास्थल से कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाएं। जांच के दौरान 2 अन्य लोगों नंदन सिंह पुत्र कुंवर सिंह व नरेंद्र सिंह पुत्र हीरा सिंह, निवासी, नौगांव, कनोली, रानीखेत की संलिप्तता की बात सामने आई। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी नरेंद्र सिंह को 9 सितंबर यानि बीते शुक्रवार को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि दूसरा आरोपी नंदन सिंह जो मृतक जगदीश की पत्नी गीता उर्फ गुड्डी की तलाश के लिए उसकी मां भावना व सौतेला भाई गोविंद के साथ घटना के दिन यानि 1 सितंबर को अल्मोड़ा भी आया था। तीनों ने अल्मोड़ा में गीता की तलाश की लेकिन वह उन्हें नहीं मिली और वापस लौटने के बाद सभी आरोपियों ने मिलकर जगदीश चंद्र की हत्या कर दी। घटना के अगले दिन यानि 2 सितंबर को आरोपी नंदन सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

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आरोपी नंदन ने जगदीश की रैकी कर गोविंद को दी थी सूचना

गीता के परिजनों ने नरेंद्र सिंह व नंदन सिंह के साथ मिलकर जगदीश चंद्र की हत्या का षड़यंत्र रचा था। एसएसपी प्रदीप कुमार राॅय ने बताया कि जांच में यह तथ्य भी सामने आये है कि जगदीश चंद्र जब अपने कार्य से ग्राम बोली चापड़ में गया था। तो आरोपी नंदन सिंह ने जगदीश से गांव में जाने और वहां से निकलने की रैकी कर इसकी सूचना गोविंद सिंह को दी थी। जिसके बाद गोविंद सिंह व जोगा सिंह ने जगदीश का अपहरण किया। एसएसपी ने बताया कि आरोपी नंदन सिंह गोविंद का दोस्त था। पूर्व में ये दोनों दिल्ली में साथ काम करते थे। बाद में नंदन सिंह गांव में ही नदी से रेता निकालकर खच्चरों से रेता ढोने का काम करता था और आरोपी नरेंद्र सिंह भी उसी के साथ यही काम करता था।

जगदीश हत्याकांड में हो सकते है और खुलासे

एसएसपी राॅय ने बताया कि हत्याकांड में जो 2 वाहन प्रयोग किए गए थे। दोनों वाहन स्वामियों व उनके चालकों की इस हत्याकांड में फिलहाल कोई स्पष्ट संलिप्तता सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया विवेचनाधिकारी सीओ रानीखेत तिलक राम वर्मा द्वारा मुलजिमों को पीसीआर पर लिया जा रहा है। जिसके बाद कुछ और बाते सामने निकल कर आ सकती है।

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ये था मामला-

जगदीश चन्द्र पुत्र केश राम निवासी, पनुवादोखन तहसील सल्ट जो उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के युवा दलित नेता थे। 21 अगस्त को जगदीश ने ग्राम बेल्टी, भिकियासैंण निवासी गीता उर्फ गुड्डी पुत्री जोगा सिंह के साथ गैराड़ मंदिर अल्मोड़ा में अंतरजातीय प्रेम विवाह रचा लिया था। जिसके बाद दोनों अल्मोड़ा में साथ रह रहे थे। जगदीश चंद्र के भिकियासैंण क्षेत्र में आये होने की भनक लगने के बाद 1 सितंबर को गीता की मां भावना, उसके सौतेला पिता जोगा सिंह व सौतेला भाई ने नरेंद्र सिंह व नंदन सिंह के साथ मिलकर जगदीश की हत्या कर दी। जिसके बाद आरोपी शव को वाहन में रखकर ठिकाने लगाने के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान सैलापुल के पास राजस्व व पुलिस विभाग की टीम ने आरोपियों को रंगेहाथ दबोच लिया।

गिरफ्तारी टीम में विवेचनाधिकारी सीओ रानीखेत तिलक राम वर्मा, थानाध्यक्ष भतरौजखान निरीक्षक संजय पाठक, चौकी प्रभारी भिकियासैंण मदन मोहन जोशी, कांस्टेबल शमीम अहमद के अलावा एसओजी प्रभारी एसआई सुनील धानिक, एएनटीएफ प्रभारी सौरभ भारती, बलवंत प्रसाद व कांस्टेबल इन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।

 

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