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पीरियड्स को लेकर बनी संकुचित धारणाओं को तोड़ा जाना बेहद जरूरी: आशीष

अल्मोड़ा: नगर के धार की तुनी स्थित राजकीय महिला पॉलीटेक्निक में छात्राओं को पीरियड्स के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एस.एस.जे. विश्विद्यालय से शोध कर रहे शोद्यार्थी आशीष पन्त एवं पत्रकारिता के विद्यार्थी राहुल जोशी व मयंक पन्त द्वारा आयोजित किया गया। जिसमे उन्होंने छात्राओं को माहवारी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कराई।

पॉलीटेक्निक कॉलेज की छात्राओं को सबसे पहले आशीष के शोध कार्य पर बनी डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म दिखाकर पीरियड्स के दौरान ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष को दिखाया गया। इसके बाद छात्राओं को आशीष और राहुल ने वीरा फाउंडेशन की सहायता से सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध करवाए। इस दौरान छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

अपने संबोधन में आशीष ने कहा कि आजादी के इतने वर्ष बाद भी माहवारी को लेकर कई संकुचित धारणाएं हैं जिन्हें तोड़ा जाना वर्तमान समय में बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म के दौरान कपड़े का इस्तेमाल करना महिलाओं के लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से बिल्कुल भी उचित नहीं है इसलिए उनका मकसद है कि वो हर महिला तक सेनिटरी नैपकिन पहुंचाए। इसके लिए उनकी टीम एक रोड मैप तैयार कर रही है और जल्द ही इसे धरातल पर उतारने का प्रयास करेगी।

शोधार्थी आशीष ने बताया कि वे जल्द ही एक संस्था बनाएंगे जिसके माध्यम से उत्तराखंड के साथ ही देशभर में काम करने का प्रयास करेंगे।
उनका कहना है कि महिलाओं को सिर्फ एक बार सेनिटरी पैड्स उपलब्ध करवाना उनका लक्ष्य नहीं है बल्कि वो नियमित अंतराल में महिलाओं तक सैनिटरी नैपकिन पहुंचाना चाहते हैं। जिसके लिए उनकी टीम आने वाले समय में खुद ही इसके पैड्स के निर्माण पर भी विचार करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने ये भी बताया कि सेनिटरी पैड्स बहुत ही बुनियादी आवश्यकता है इसलिये सरकार को इसमें से जीएसटी हटाकर इसे लक्जरी आइटम से बाहर रखना चाहिए।

आशीष ने कहा कि वो लगातार 3 सालों से इस विषय को लेकर कार्य कर रहें हैं विभिन्न संस्थाओं में जाकर लोगों को जागरूक करने हेतु प्रयासरत हैं। लेकिन इस दौरान उन्हें सरकार या किसी भी सरकारी संस्था द्वारा कोई मदद प्रदान नहीं की गयी।

आशीष के शोध कार्य पर बनी डॉक्यूमेंट्री को निर्मित करने वाले पत्रकारिता के छात्र राहुल और मयंक नके कहा कि माहवारी के विषय में समाज में चर्चा होना आवश्यक है। इसके लिए उनकी पूरी टीम लगातार विभिन्न संस्थाओं से संपर्क कर महिलाओं को जागरूक करने हेतु प्रयासरत रहती है।

महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज की प्रधानाचार्य रेखा असवाल ने कहा कि आशीष एवं उनकी टीम द्वारा किया गया कार्य सराहनीय है। इससे कॉलेज की छात्राओं को कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि आशीष के शोध कार्य पर बनी डॉक्यूमेंट्री में जिन बातों का जिक्र किया गया है इसे उन्होंने व्यक्तिगत जीवन में भी महसूस किया है।

कार्यक्रम में उपस्थित महिला पॉलीटेक्निक की छात्रा अंजली ने कहा कि आशीष व उनकी टीम की ये पहल सराहनीय है। इससे समाज मे एक नया संदेश जाएगा। साथ ही महिलाएं माहवारी को लेकर जागरूक होंगी। उन्होंने कहा कि आम तौर पर आज के समाज में ऐसे विषय पर लोग खुल कर नहीं बोलते। लेकिन आज एक पुरुष ने महिलाओं को माहवारी के दौरान लापरवाही बरतने से होने वाले संक्रमण से बचाने के लिए एक पहल शुरू की और इस पर खुल कर बोला। इससे जरूर समाज मे बदलाव आएगा।

कार्यक्रम में महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज की प्राचार्य रेखा असवाल सहित शिक्षिका दीपा मेहरा समेत सभी शिक्षक व छात्राएं मौजूद रही।

 

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