अल्मोड़ा। पाली पछांऊ के ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्याल्दे बिखौती मेले का रविवार को उत्तराखंड की काशी नाम से विख्यात गुप्त सरस्वती, सुरभि एवं नन्दिनी की त्रिवेणी स्थित विभाण्डेश्वर धाम से आगाज हुआ। मेले का उद्घाटन मुख्य पुजारी गोपाल दत्त, क्षेत्रीय विधायक मदन सिंह बिष्ट, मेला अध्यक्ष रमेश चन्द्र पुजारी ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर स्थानीय विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा आंचलिक संस्कृति सहित विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपनी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। विधायक मदन सिंह बिष्ट ने दस लाख मेले समिति को देने व उसमें से प्रत्येक नगाड़े निशाण वालों को 5100 रुपये दिए जाने की घोषणा की। वक्ताओं ने मेलों को संस्कृति का ध्वजवाहक बताते हुए युवाओं से उत्तराखंडी लोक संस्कृति एवं परम्परा को जीवंत रखने के लिए तत्पर रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख दीपक किरौला, नगर पंचायत अध्यक्ष संगीता आर्या, हेम मठपाल, निरंजन साह, गिरीश चौधरी, नारायण रावत सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
रात्रि में लगेगा बिखौती मेला
अल्मोड़ा। देर रात बिखौती मेले में आल, नौज्यूला एवं गरख धड़े के मेलार्थी ढोल नगाड़े निशाणों व वाद्य यंत्रों के साथ अपने नियत डेरो में पहुंचकर झोड़ा गायन करेंगे। सुबह नंदिनी सुरभि व सरस्वती नदी के संगम स्थल पर स्नान कर मंदिर में पूजा करते हुए अपने-अपने घरों को पहुंचेंगे। इसके बाद सोमवार को बट पूजा मेले में शिरकत करेंगे।
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