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उत्तराखंड का लाल जम्मू-कश्मीर में शहीद, कुछ देर बाद हेलिकॉप्टर से बागेश्वर पहुंचेगा पार्थिव शरीर

 

इंडिया भारत न्यूज डेस्क: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में घायल हुए हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया शहीद हो गए। 43 वर्षीय गजेंद्र सिंह गढ़िया भारतीय सेना की टू-पैरा कमांडो यूनिट में तैनात थे। किश्तवाड़ के श्रीपुरा क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में उनके शहीद होने की सूचना मिली है।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गजेंद्र सिंह गढ़िया परिवार में एकलौते कमाने वाले थे। माता-पिता खेती व किसानी से अपना जीवनयापन करते हैं। उनका पार्थिव शरीर आज हेलिकॉप्टर से बागेश्वर लाया जाएगा। इसके बाद उन्हें उनके पैतृक गांव ग्राम पंचायत बिथ्थी (पाण्याती) पहुंचाया जाएगा, जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकियों के छिपे होने की आशंका में चल रहे अभियान के दौरान अचानक हुए ग्रेनेड हमले में वे घायल हो गए थे। छर्रे लगने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और 18-19 जनवरी की रात को राज्य के एक सैन्य अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

 

हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया के परिवार में उनके पिता धन सिंह गढ़िया, माता चंदा गढ़िया, पत्नी लीला गढ़िया और दो पुत्र हैं। बड़ा पुत्र राहुल गढ़िया है, जबकि छोटा पुत्र धीरज गढ़िया कक्षा चार में पढ़ता है और अपनी मां के साथ देहरादून में रहता है।

 

शहीद जवान की पत्नी लीला गढ़िया दोनों पुत्रों के साथ हेलिकॉप्टर से गरुड़ के मेलाडुंगरी हेलीपैड पहुंचीं। वहां से टैक्सी द्वारा उन्हें कपकोट लाया गया। परिजनों के अनुसार पत्नी बार-बार बेसुध हो रही हैं, जबकि मासूम बच्चे पिता को याद कर उनसे लिपटकर फूट-फूट कर रो रहे हैं। गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया हैंडल पर शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी है। सीएम ने कहा, ‘सैन्यभूमि उत्तराखण्ड के वीर सपूत, बागेश्वर जनपद निवासी हवलदार श्री गजेन्द्र सिंह गढ़िया जी का जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में शहीद होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्री चरणों में स्थान एवं शोक संतप्त परिजनों को यह असीम कष्ट सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।’

 

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