अल्मोड़ा। जिले में मुख्यमंत्री घोषणाओं को अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। पेयजल, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी तथा युवा कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों की योजनाओं के लंबित रहने पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की हैं और संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों के कारणों की स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
डीएम सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान डीएम से सभी योजनाओं की गहराई से समीक्षा की। इस दौरान डीएम ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सेवा से जुड़ी योजनाओं में देरी अस्वीकार्य है और इन्हें शीघ्र गति दी जाए। यदि बिना किसी ठोस कारण के योजनाओं में देरी होती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम घोषणाओं से संबंधित कोई भी योजना जिला स्तर पर लंबित न रहे तथा कार्यदायी संस्थाएं अपनी जिम्मेदारी और कार्यप्रणाली स्पष्ट रूप से तय करें। इन पर गंभीरता, तत्परता और उत्तरदायित्व की भावना के साथ कार्य किया जाए। डीपीआर तैयार करते समय विशेष सावधानी और तकनीकी सटीकता बरतने के निर्देश दिए। ताकि आगे किसी प्रकार की प्रशासनिक या वित्तीय समस्या उत्पन्न न हो। साथ ही अधिकारियों को बैठक में विषय की पूरी तैयारी के साथ मौजूद होने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीएम युक्ता मिश्र, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत राजेश कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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