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Iran-US War Ceasefire: अमेरिका और ईरान युद्धविराम पर सहमत, ट्रंप ने घोषणा में क्या-क्या कहा? पाकिस्तान का भी किया जिक्र

इंडिया भारत न्यूज़ डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बड़ा एलान करते हुए ईरान पर हमलों को दो सप्ताह के लिए स्थगित करने की घोषणा की है। ट्रंप के मुताबिक, यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया है।

 

ट्रंप की घोषणा पर ईरान की सरकारी मीडिया ने भी सीजफायर की पुष्टि कर दी है। दोनों देशों के बीच अस्थायी युद्धविराम रहेगा, यानी न अमेरिका हमला करेगा और न ही ईरान कोई आक्रामक कदम उठाएगा।

 

हालांकि इसके साथ एक अहम शर्त भी रखी गई है कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलना होगा, ताकि वहां से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अपने कई सैन्य लक्ष्य पहले ही हासिल कर चुका है और अब बातचीत के जरिए स्थायी समाधान निकालने पर ध्यान दे रहा है।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका को ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत का आधार बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच पुराने कई विवादों पर सहमति बनने के करीब है और यह दो हफ्तों का समय अंतिम समझौते को तय करने में मदद करेगा।

 

पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रहा यह तनाव उस समय शुरू हुआ था जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला किया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और इस्राइल पर हमले किए, जिससे हालात और बिगड़ गए और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने शर्तों के साथ युद्धविराम की घोषणा की। उसके बाद एक बयान में कहा है कि समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने के लिए अधिकतम 15 दिनों के भीतर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत होगी।

 

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के बयान के अनुसार अमेरिका ने इन बातों पर सहमति जताई है:

-ईरान के खिलाफ अपनी “आक्रामक कार्रवाई” दोबारा न करने की गारंटी
-होर्मुज़ स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण जारी रहना
यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) को स्वीकार करना
-सभी प्रतिबंध हटाना
-संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के सभी प्रस्ताव ख़त्म करना
-ईरान को मुआवज़ा देना
-क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी
और सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना, जिसमें “लेबनान की इस्लामिक रेजिस्टेंस” के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल है

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमरीकी प्रशासन अब ईरान के साथ सीधी बातचीत की तैयारी कर रहा है। अमरीका के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वैंस द्वारा किए जाने की उम्‍मीद है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने स्वीकार किया कि आमने-सामने की बातचीत के लिए चर्चा चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम घोषणा राष्ट्रपति या व्हाइट हाउस की ओर से की जाएगी।

 

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