Breaking News

Almora-(Big breaking): विजिलेंस की एक और बड़ी कार्रवाई, ब्लॉक में तैनात अकाउंटेंट FDR रिलीज करने के बदले मांग रहा था घूस, विजिलेंस ने रंगे हाथ धर दबोचा

अल्मोड़ा: उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए लमगड़ा ब्लॉक में तैनात एकाउंटेंट को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपित द्वारा शौचालय निर्माण के टेंडर की एफडीआर रिलीज करने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी।

 

जानकारी के मुताबिक ​शिकायतकर्ता का 3 लाख रुपये की लागत का शौचालय निर्माण कार्य का टेंडर स्वीकृत हुआ था। इस कार्य की एफडीआर (FDR) रिलीज करने की एवज में लमगड़ा ब्लॉक में नियुक्त एकाउंटेंट हर सिंह बिष्ट उर्फ हरीश सिंह बिष्ट पुत्र बहादुर सिंह द्वारा पैसों की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, जिसके बाद उसने सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री नंबर 1064 पर इसकी शिकायत दर्ज कराई।

 

​शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर नैनीताल (हल्द्वानी) में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक सतर्कता के निर्देशन में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।

​ट्रैप टीम ने जाल बिछाकर बुधवार 8 अप्रैल को आरोपित हर सिंह बिष्ट को शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए ब्लॉक कार्यालय लमगड़ा से रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपित अल्मोड़ा नगर के चीनाखान मोहल्ले का निवासी है।

 

विजिलेंस टीम के ​सफल ट्रैप के बाद सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने टीम के कार्य की सराहना करते हुए ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने लोगों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस अभियान में अपना योगदान देने की अपील की है। कहा कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या व्हाट्सएप नंबर 9456592300 पर संपर्क करें।

 

गौरतलब है कि बीते माह 28 मार्च को विजिलेंस की टीम ने भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की थी। ट्रैप टीम ने जाल बिछाकर जागेश्वर रेंज कार्यालय में तैनात फॉरेस्टर को 25 हजार 500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा था। आरोपित फारेस्टर ने लीसा गडान-ढुलान कार्य के बदले रिश्वत मांगी थी।

Check Also

suspend

हाजिरी एडवांस, शिक्षक स्कूल से गुल! उत्तराखंड में यहां सहायक अध्यापक सस्पेंड

-उप शिक्षा अधिकारी की प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया पाये गये दोषी -सोशल मीडिया पर …