Breaking News

अचानक जिला अस्पताल पहुंचे डीएम तो खुल गई व्यवस्थाओं की पोल, जन औषधि केंद्र में मिली भारी अनियमितताएं, पढ़ें पूरी खबर

-लाइसेंस अविध समाप्त होने के बाद संचालित हो रहे जन औषधि केंद्र में दवा व ब्रिकी का रिकॉर्ड नहीं दिखा पाएं संचालक
-अग्रिम आदेश तक सीएमएस की निगरानी में होगा जन औषधि केंद्र का संचालन

अल्मोड़ा। स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी सच्चाई जानने के लिए जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सोमवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई खामियां पाई गई। इस दौरान जहां जनऔषधि केंद्र लाइसेंस अवधि समाप्त होने के बाद भी संचालित होते पाया गया वही, अस्पताल के शौचालयों व परिसर में गंदगी पाई गई। जिस पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

डीएम सिंह के अचानक अस्पताल पहुंचते ही अधिकारियों व वहां मौजूद स्टॉफ में हड़कंप मच गया। डीएम ने सबसे पहले ओपीडी, औषधि वितरण कक्ष, जन औषधि केंद्र के स्टॉक रजिस्टर तथा दवाओं की उपलब्धता की जांच की। दोपहर 12 बजे तक 550 से अधिक ओपीडी पाई गई, जिससे अस्पताल में रोगियों की काफी भीड़ रही। डीएम ने अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे, एवं पैथोलॉजी लैब की कार्यप्रणाली का भी अवलोकन किया।

 

डीएम ने जन औषधि केंद्र के लाइसेंस की अवधि समाप्त होने की स्थिति को देखते हुए अग्रिम आदेशों तक केंद्र का संचालन सीएमएस की निगरानी में किए जाने के निर्देश दिए। जन औषधि केंद्र में तैनात स्टॉफ डीएम वहां उपलब्ध दवाईयों के स्टॉक व दवाईयों की ब्रिकी की जानकारी भी नहीं दे पाया। जिस पर डीएम ने टीम गठित कर पिछले एक हजार ओपीडी पर्चों का रिकॉर्ड और दवाओं की उपलब्धता की अद्यतन सूची तत्काल उन्हें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

अस्पताल के शौचालयों व परिसर में गंदगी देख डीएम ने सीएमएस को सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और परिसर में गंदगी फैलाने वालों पर कड़ा जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम ने कई मरीजों व उनके तीमारदारों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी।

 

Check Also

UKD का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन, ATS सेंटरों में वसूली जा रही मनमानी फीस पर जताया आक्रोश

  अल्मोड़ा: उत्तराखण्ड क्रांति दल ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन (ATS) के नाम पर सरकार द्वारा टैक्सी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *