अल्मोड़ा : रंगभरनी एकादशी पर चीर बंधन के साथ ही रंगभरनी होली की शुरुआत हो गई है। लोगों ने देवालयों भगवान को अबीर-गुलाल और रंग अर्पित कर परंपरागत स्थलों में चीर बांधी। चीर बंधन के साथ ही गांवों में खड़ी होली गायन शुरू हो गया है।
रंग भरनी एकादशी पर शुभ मुहूर्त में रंग पड़ने के साथ होली पर्व शुरु होता है। परंपरागत स्थलों में धार्मिक विधान से पूजा-अर्चना कर चीर बंधन होता है। चीर बंधन पर भगवान से समाज की मंगल कामना और होली पर्व के निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना की जाती है। चीर बंधन के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में घर घर खड़ी होली गायन शुरू हो जाता है।
शुक्रवार को अनेक जगहों पर चीर बांधी गई। होलियारों ने जागेश्वर धाम समेत कई मंदिरों में भगवान को अबीर-गुलाल और रंग अर्पित किया। यहां “कैली बांधी चीर, हो रघुनंदन राजा, गणपति बांधे चीर, हो रघुनंदन राजा” आदि गीतों का गायन किया। एकादशी से ही गांवों में महिलाओं और पुरुषों की टोलियां दिन और रात में घर-घर जाकर होली गायन शुरू करते हैं। शास्त्रीय संगीत के शौकीनों की देर रात तक राग आधारित गायन की बैठकें भी जमने लगीं हैं।
शुक्रवार को कई स्कूलों में होली उत्सव मनाया गया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने गायन और नृत्य किया। एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। अल्मोड़ा नगर के मोहल्लों में भी महिलाओं की घर-घर होली शुरू हो गई है।
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