अल्मोड़ा: राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तराखंड क्रांति दल जिला इकाई द्वारा गोष्ठी की गई। सबसे पहले यूकेडी कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड आंदोलन में शहीद हुए शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
दल के शीर्ष नेता गिरीश चंद शाह ने कहा कि शहीदों का सपना था कि राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैण हो। लेकिन किसी भी राजनीतिक पार्टी ने इस ओर कदम नहीं बढ़ाया। पिछले 23 वर्षों में राज्य की स्थिति बदहाल है। रोजगार सिर्फ कागजों में है। धरातल में पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो पाया।
जिला अध्यक्ष दिनेश जोशी ने कहा कि पहाड़ की जवानी औऱ पहाड़ का पानी दोनों ही उत्तराखंड के काम नहीं आ रही है। बेरोजगारी चरम पर है, जिसके चलते युवा पलायन करने को मजबूर हो। रोजगार की बात करने वाले बेरोजगार युवाओं पर लाठी चार्ज किया जा रहा है। अंकिता हत्याकांड में वीआइपी के नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है। भूमाफिया पहाड़ के जमीनों की खुली लूट कर रहे है। लेकिन सरकार सम्प्रदायवाद को बढ़ावा देकर लोगों को आपस मे लड़ा रही है।
रानीखेत जिला प्रभारी गिरीश नाथ गोस्वामी ने कहा की सरकार का ध्यान उत्तराखंड के जनमानस की मूल आवश्यकताओं की ओर न होकर उत्तराखंड में एक भ्रष्टाचार रूपी शासन देखने को मिल रहा है। प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के क्षेत्र में लगातार पिछड़ रहा है। लचर स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते गर्भवती महिलाएं व नवजात काल के मुंह मे समा रहे है।
गोष्ठी में दल के विधानसभा अध्यक्ष तनय देवड़ी, मनोज बिष्ट, वैभव शाह, प्रमोद जोशी, राजेंद्र प्रसाद, देवेश, पंकज, राजेश कुमार, त्रिलोक सिंह आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
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