अल्मोड़ा: बिनसर वन्यजीव अभयारण्य में आग बुझाने के दौरान वन विभाग के चार कर्मी जिंदा जल गए थे, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस वीभत्स घटना के सामने आने के बाद हर कोई हैरान है। वही, अब ग्रामीणों में आक्रोश फैलता हुआ दिखाई दे रहा है। यही नहीं, घटना से उत्पन्न परिस्थितियों एवं बिनसर तथा वनाग्नि के सवालों पर बिनसर न्याय मंच ने धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है।
सोमवार को बसोली में सामाजिक कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों द्वारा एक बैठक आहूत की गई। बैठक में ग्रामीणों द्वारा बिनसर न्याय मंच का गठन किया गया है। इसमें चन्दन सिंह बिष्ट अध्यक्ष, हेमंत कुमार उपाध्यक्ष, महेश कुमार महासचिव तथा अशोक भोज को सचिव चुना गया, जबकि मुकेश जोशी उप सचिव व प्रताप सिंह कोषाध्यक्ष बनाये गये।
बिनसर न्याय मंच द्वारा तय किया गया कि बिनसर में हुई घटना व वनाग्नि से जुड़े तमाम सवालों को लेकर आगामी 19 जून को राजि कार्यालय बिनसर अभ्यारण में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
बैठक में वनाग्नि में जान गंवा चुके व्यक्तियों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने, मृतकों के परिवारों को 50 लाख तथा घायलों को 25 लाख सहायता राशि देने की मांग की गयी। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव हेतु वन रक्षकों की स़ख्या बढ़ाने, फायर वाचरों की नियुक्ति में ग्राम पंचायत व वन पंचायत को विश्वास में लेने, फायर वाचरों को नियुक्ति पत्र देने, उनका बीमा कराए जाने, उन्हें फायर प्रूफ कपड़े तथा आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने व उन्हें प्रशिक्षण देने की मांग की गयी।
वक्ताओं ने कहा कि दावानल नियंत्रण का काम सिर्फ चार महीने का नहीं है बल्कि इसके लिए वर्ष भर कार्य किए जाने की आवश्यकता हैं, जो वन विभाग द्वारा नहीं किया जाता है।
बैठक को डूंगर सिंह, भूपाल रावत, किशोर तिवारी, नीमा भाकुनी, किरन भाकुनी, ईश्वर जोशी, सुनील बाराकोटी, सुन्दर पिलख्वाल, अनीता कनवाल, दीप्ति, दयाकृष्ण डंगवाल, राजू नेगी, बिशन बाराकोटी, घनश्याम पांडे आदि ने संबोधित किया।
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