इंडिया भारत न्यूज डेस्क: नैनीताल उच्च न्यायालय ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दिन नैनीताल में हुई आपराधिक वारदात के मामले में लगातार दूसरे दिन भी कड़ा रुख जारी रखा है। अब न्यायालय ने डीजीपी और गृह सचिव को तलब कर लिया है। इसके साथ ही अगली सुनवाई 22 अगस्त तय कर दी है। न्यायालय ने दोनों अफसरों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने को कहा है।
सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की संयुक्त खण्डपीठ में चली। न्यायालय ने नैनीताल, ऊधमसिंह नगर व बेतालघाट में चुनाव के दौरान हुई घटनाओं पर चिंता जाहिर की। न्यायालय ने कहा कि यह देवभूमि है। यहां पर ऐसी वारदात घटित होने का मतलब कानून व्यवस्था चौकस नहीं है। इसको किसी भी दशा में रोका जाना होगा।
मंगलवार को सुनवाई के समय एसएसपी नैनीताल पीएन मीणा ने न्यायालय को बताया कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में एक उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया है। एसएसपी ने बताया कि 13 अगस्त की रात लाल कार में आये लोगों में रामपुर, ऊधमसिंहनगर, हल्द्वानी व नैनीताल शहर के लोग शामिल थे। इनका विस्तृत विवरण जुटाने के लिये समय की जरूरत है। यह लाल कार पुलिस के कब्जे में है।
इस बीच न्यायालय ने जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा मंगलवार को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के परिणाम घोषित करने के मामले में बुधवार को भी बहस जारी रखने का फैसला किया है। यह याचिका जिला पंचायत सदस्य पूनम बिष्ट ने दायर की है जिसमें पुनर्मतदान करने की अपील की है।
सुनवाई के दौरान एसएसपी पीएन मीणा कोर्ट में पेश हुए थे जबकि जिलाधिकारी वन्दना सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश हुईं।
India Bharat News Latest Online Breaking News