अल्मोड़ा। ड्योलीडांडा शिल्पकार सम्मेलन (ग्रेनाइट हिल) के सौ वर्ष पूरे होने पर ड्योलीडांडा मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें शिल्पी समाज व अन्य कई लोगों ने प्रतिभाग किया।
आयोजन समिति के संयोजक संजय कुमार टम्टा ने साल 1925 के शिल्पकार सम्मेलन की ऐतिहासिकता को बताते हुए उस समय की विषम परिस्थितियों में कुमाऊं गढ़वाल से पहुंचे शिल्पकार समाज के लोगों को याद किया। और उनके संघर्ष और बलिदान के विषय में बातें रखी।
कार्यक्रम में महान समाज सुधारक मुंशी हरि प्रसाद टम्टा के पौत्र व समिति के संरक्षक दयाशंकर टम्टा ने सौ साल पहले हुए शिल्पकार सम्मेलन में जो 21 प्रस्ताव पारित हुए थे, उन पर सरकार द्वारा अमल किया गया। उन्होंने आगामी 28 सितंबर को रैमजे इंटर कॉलेज में आयोजित होने वाले शिल्पकार सम्मेलन को सफल बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सावन टम्टा, लल्लू लाल, नवल किशोर टम्टा, महेंद्र प्रसाद आर्या ने अपने विचार रखें। यहां सुभाष चंद्र, आशीष कुमार, सुंदर लाल आर्य, महेंद्र प्रकाश, अजीत कुमार टम्टा, सुमित कुमार, रमेश लाल, प्रकाश आर्या, करन टम्टा, पीयूष कुमार, आशीष कुमार, डॉ रचना टम्टा, डॉ बीएल आर्या, डॉ अमित टम्टा, भगवती प्रसाद टम्टा, अशोक कुमार, नाथू राम, नवल किशोर टम्टा समेत कई लोग मौजूद रहे।
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