देहरादून। यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा भर्ती के पेपर लीक प्रकरण पर आंदोलनरत युवाओं के समर्थन में बड़ा फैसला आया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं की मांगों को मानते हुए पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की संस्तुति की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को अचानक परेड ग्राउंड में आंदोलन कर रहे युवाओं के बीच पहुंचें। यहां सीएम ने युवाओं का पक्ष सुनने के बाद कहा कि युवा इस त्योहारी सीजन में इतनी गर्मी के बीच आंदोलन कर रहे हैं, इससे खुद उन्हें भी अच्छा नहीं लग रहा है। सीएम ने कहा कि सरकार का एक ही संकल्प है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। विगत चार साल में सरकार ने इसी संकल्प के अनुसार काम किया है।
सीएम धामी ने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि वो जानते हैं कि उत्तराखंड के युवा और छात्र पढ़ाई के बाद सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करते हैं। इसी आधार पर उनके पास जीवन के लिए खूबसूरत सपने होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद ऐसी परिस्थितियों को देखा है, छात्रों और युवाओं के बीच काम करते हुए, इसका अनुभव लिया है।
सीएम धामी कहा कि विगत दिनों सामने आए प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में एसआईटी द्वारा की जा रही है। कमेटी ने काम भी शुरु किया है, लेकिन फिर भी युवा सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, इस कारण सरकार इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति करेगी। इसमें कोई रुकावट नहीं आएगी।
सीएम ने युवाओं से कहा कि वें चाहते तो ये बातचीत कार्यालय में भी हो सकती थी, लेकिन उन्होंने खुद धरना स्थल पर आने का निर्णय लिया है, वें पूरी तरह युवाओं के साथ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले चार साल में पारदर्शी तरीके से 25 हजार से अधिक सरकारी भर्तियां की है, इमसें कहीं कोई शिकायत नहीं आई है। सिर्फ एक प्रकरण में यह शिकायत आई है, इसलिए युवाओं के मन से हर तरह की शंका को मिटाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
छात्रों पर लगे मुकदमें वापस होंगे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंदोलन स्थल से एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान यदि युवाओं पर कहीं कोई मुकदमें दर्ज हुए हैं तो उन्हें वापस लिया जाएगा। सीएम ने कहा कि अमृतकाल के विकसित भारत में उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बने, इसमें युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
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