अल्मोड़ा। सूबे के मुख्यमंत्री व उनकी सरकार नकल माफियाओं को संरक्षण दिए हुए हैं। प्रदेशभर में जब हजारों हजार युवा आंदोलनरत हैं, जगह जगह प्रदर्शन कर रहे हैं और सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, तो सरकार क्यों उनकी मांगों को नहीं मान रही है तथा हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच कराने से बच रही है।
यह बात पूर्व राज्यसभा सांसद व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप टम्टा ने सोमवार को प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि देश के भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक के बढ़ते मामले नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ है। पेपर लीक सबूत मिलने के बाद भी सरकार मामले की लीपापोती कर रही है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने को उपलब्धि बताने वाली सरकार वास्तव में कमजोर है।
टम्टा ने कहा पूर्व में पेपर लीक मामले में पकड़े गए हाकम सिंह पर एक साल बाद भी ट्रायल ही शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने नौकरशाही और प्रदेश सरकार पर नकल गिरोह को संरक्षण देने का आरोप लगाया। कहा प्रदेश सरकार को इस परीक्षा को निरस्त कर एक महीने के भीतर दोबारा परीक्षा करने की तिथि कोशिश करनी चाहिए। हाई कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया की आगामी तीन अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस इस मामले को लेकर देहरादून में प्रदर्शन करेगी।
पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार के सबका साथ सबका विकास नारे को खोखला बताया। कहा भाजपा सरकार दलित, कमजोर और पिछड़ा वर्ग विरोधी हैं। 10 साल पहले कांग्रेस शासन में अल्मोड़ा के गुरुड़ाबांज में 100 करोड़ लागत से मुंशी हरिप्रसाद टम्टा परंपरागत शिल्प उन्नयन संस्थान स्वीकृत कर काम शुरू कर कर दिया था। भाजपा सरकार ने इस संस्थान को उपेक्षित छोड़ दिया है। उन्होंने क्षेत्र के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा पर सड़कों को लेकर नाकामी छिपाने को विधायक मनोज तिवारी पर बयान बाजी करने पर आपत्ती जताई। उन्होंने अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे में क्वारब और पिथौरागढ़ टनकपुर मार्ग में स्वाला की बदहाली को सांसद अजय टम्टा और प्रदेश सरकार की नाकामी बताया।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज, विधायक मनोज तिवारी, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, नगर अध्यक्ष ताराचंद्र जोशी, पीतांबर पांडे, भैरव गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
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