इंडिया भारत न्यूज़ डेस्क: महिला अस्पताल में एक गर्भवती की प्रसव के दौरान मौत हो गई जो अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, गर्भवती और उसके परिजनों ने सिजेरियन ऑपरेशन के लिए मना कर दिया जो उसकी मौत का कारण बना है। वहीं मृतका के परिजनों की तरफ से फिलहाल मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
जानकारी के मुताबिक बीते सोमवार देर रात प्रसव पीड़ा से जूझते हुए किरगांव की 33 वर्षीय कमला बिष्ट को परिजन महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां उसका प्रसव हुआ और उसने पुत्र को जन्म दिया। प्रसव के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई।
प्रसूता की मौत छोड़ गई कई सवाल
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक कमला पहले से ही तीन साल की बेटी की मां थी। तब उसका सिजेरियन ऑपरेशन से प्रसव कराया गया था। ऐसे में साफ है कि दूसरी बार भी गर्भवती का सिजेरियन ऑपरेशन से ही प्रसव होता।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि खुद गर्भवती और उसके परिजनों ने सिजेरियन ऑपरेशन कराने से मना कर दिया। समझाने के बाद भी कोई नहीं माना और नार्मल डिलीवरी कराने की बात पर अड़े रहे। गर्भवती की नॉर्मल डिलिवरी तो हुई लेकिन रक्तस्राव अधिक होने से उसकी जान बचा पाना मुश्किल हुआ।
नवजात जीवन और मौत से कर रहा है संघर्ष
कमला का महिला अस्पताल में प्रसव हुआ। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक उसने पुत्र को जन्म दिया। सिजेरियन की जगह नॉर्मल डिलिवरी होने से बच्चे की सांस अटक गई। उसे बमुश्किल दुनिया में लाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। परिजन उसे लेकर अल्मोड़ा के लिए रवाना हुए और मां हमेशा के लिए इस दुनिया से विदा हो गई। नवजात भी जीवन और मौत से संघर्ष कर रहा है।
तीन साल की बेटी के सिर से भी उठा मां का साया
कमला ने तीन साल पहले सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए पुत्री को जन्म दिया। मासूम जल्द ही मां के घर लौटने का इंतजार कर रही थी। उसे यह मालूम नहीं था कि घर से अस्पताल लाते समय मां से यह आखिरी मुलाकात होगी। इस घटना में तीन साल की मासूम के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया।
संबंधित महिला और इसके परिजनों ने सिजेरियन ऑपरेशन कराने के लिए मना कर दिया। सभी को समझाया गया लेकिन वे नहीं माने। नॉर्मल डिलीवरी होने से रक्तस्राव अधिक हुआ। उसकी जान बचाने की हरसंभव कोशिश की गई लेकिन कामयाबी नहीं मिली। यदि सिजेरियन ऑपरेशन होता तो शायद ऐसा नहीं होता।
– डॉ. भागीरथी गर्ज्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़।
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