अल्मोड़ा। बिनसर वन्यजीव अभयारण्य में मानव अस्थि अवशेष मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस व वन विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर बिखरे मानव अस्थियों के अवशेषों को अपने कब्जे में लिया गया है। फारेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाएं गए है। वही, घटनास्थल से मिले कपड़ों और जूते से मृतक की शिनाख्त कर ली गई है, जो दो माह पहले घर से लापता चल रहा था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
यह घटना बिनसर वन्यजीव अभयारण्य के सुनियापानी की है। जहां बृहस्पतिवार सुबह स्थानीय लोगों को एक गधेरे के पास मानव अस्थि के कुछ अवशेष दिखाई दिए। ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना वन विभाग व पुलिस को दी गई। आनन-फानन में पुलिस व वन विभाग की टीमें घटनास्थल पहुंची। वन क्षेत्राधिकारी मनोज सनवाल ने बताया कि मानव अस्थि देखकर प्रतीत हो रहा है कि मामला करीब दो माह पुराना है। घटनास्थल पर अलग-अलग जगह पर पैर की दो हड्डियां बिखरी मिली। जिसमें एक में जूता भी था। कुछ दूरी पर पैंट भी पड़ी हुई मिली। इसके अलावा शरीर का कोई भी अंग और अस्थि मौके से नहीं मिली है।
वन क्षेत्राधिकारी सनवाल ने बताया कि मृतक की शिनाख्त झिरौली, बागेश्वर निवासी गोविंद राम पुत्र दीवान राम उम्र करीब 55 वर्ष के रूप में हुई है, जो करीब दो माह से लापता था। जिसकी गुमशुदगी पुलिस में दर्ज थी। मृतक के बेटे द्वारा घटनास्थल पर मिले जूते से अपने पिता की पहचान की गई।
घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं है। बिनसर सेंचुरी व आस-पास के गांवों में लंबे समय से वन्य जीवों का आतंक बना है। यह आत्महत्या है या हत्या, या फिर किसी वन्य जीव द्वारा व्यक्ति को अपना शिकार बनाया गया है। इसका खुलासा करना पुलिस व वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती है। पुलिस ने मानव अस्थियों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस मामले में वन विभाग के अधिकारी भी बहुत कुछ कहने से बच रहे हैं।
घटनास्थल से मानव के पैर की दो हड्डियां और कपड़े मिले है। हड्डियां करीब एक से दो माह पुरानी है। प्रथम दृष्टया मामला वन्यजीव के हमले का प्रतीत नहीं हो रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
-प्रदीप कुमार धौलाखंडी, डीएफओ, सिविल सोयम वन प्रभाग अल्मोड़ा।
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