अल्मोड़ा। उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि 25 साल पहले जिन उद्देश्यों के साथ राज्य का गठन हुआ था। सत्ता में रहने वाली राष्ट्रीय पार्टियां उन्हें पूरा करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। स्थायी राजधानी का सवाल हो या फिर शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार, आज भी हालात वैसे ही है जो राज्य गठन के वक्त थे।उन्होंने कहा कि राज्य को बचाने और संवारने के लिए फिर से जोरदार संघर्ष की आवश्यकता है। उक्रांद ही एक मजबूत राजनीतिक विकल्प है, जो राज्य की अवधारणा व अस्मिता की रक्षा कर सकती है।
कुमाउं भ्रमण के दौरान गुरुवार को जनपद पहुंचे केंद्रीय अध्यक्ष कुकरेती ने नगर के एक होटल में प्रेस वार्ता में कहा कि उक्रांद 2027 विधानसभा चुनाव में सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि ऐसे कई पूर्व विधायक व राजनीतिक दलों के नेता उक्रांद के संपर्क में हैं, जो उक्रांद में शामिल होना चाहते हैं। लेकिन संगठन में ऐसे ही लोगों को शामिल किया जाएगा, जो निस्वार्थ भाव से राज्य हित में काम करना चाहते हैं।
केंद्रीय अध्यक्ष कुकरेती ने कहा कि उक्रांद का ध्येय हमेशा से पहाड़ी राज्य का रहा है। स्थाई राजधानी गैरसैंण, भू कानून, मूल निवास 1950, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के साथ ही जल, जंगल, जमीन के मुद्दों पर उक्रांद हमेशा सक्रिय रही है और सड़कों पर उतरकर हमेशा आवाज उठाते आई है।
कुकरेती ने कहा, भाजपा कांग्रेस के सत्ता में रहते हुए राज्य के हालात बद से बदतर हो चुके है। प्रदेश में सरकारी स्कूल लगातार बंद हो रहे है। स्वास्थ्य व्यवस्था दम तोड़ रही है। रोजगार के अभाव में लोग लगातार दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। कृषि भूमि बंजर हो चुकी है। सरकारी पदों को समाप्त कर राज्य में ठेका प्रथा हावी हो चुकी है। भ्रष्टाचार चरम पर है। पहाड़ की जमीनों पर लगातार बाहरी लोगों के कब्जे बढ़ रहे है। जंगली जानवर लोगों के जान के दुश्मन बने हुए है। लेकिन सरकार के पास कोई नीति नहीं है। इन सभी समस्याओं से जनता त्रस्त है, और अपने को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा, प्रदेश में अगर सबसे ज्यादा हालात खराब हुए है तो वह भ्रष्टाचार के चलते हुए है। स्थिति यह है कि भाजपा राज में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। महिलाओं व बच्चियों के साथ यौन हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही है।अंकिता हत्याकांड हो या फिर काशीपुर के किसान की आत्महत्या का मामला, इन सभी मामलों में सरकार, प्रशासन व पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। प्रदेश में मानव वन्यजीव संघर्ष चरम पर है। लोग लगाातर अपनी जान गंवा रहे हैं। लेकिन सरकार कोई ठोस नीति तैयार करने की जहमत तक नहीं उठा रही है।
त्रिपाठी ने कहा, आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उक्रांद का विजन स्पष्ट है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के साथ ही चंद्रनगर गैरसैंण स्थाई राजधानी, ठोस भू कानून, मूल निवास और स्वास्थ्य का अधिकार का कानून आदि मुद्दों को लेकर उक्रांद जनता के बीच जाएगी।
केंद्रीय युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष आशीष नेगी ने भाजपा व कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के नेता हमेशा से राज्य के विरोधी रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी हो या फिर पूर्व मुख्यमंत्री पंडित एनडी तिवारी दोनों राज्य गठन के खिलाफ थे। लेकिन उक्रांद राज्य आंदोलन से लेकर आज तक पहाड़ी राज्य की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि जनता दोनों राष्ट्रीय दलों के प्रपंचों को अब अच्छी तरह समझ चुकी है। अपने अधिकारों की रक्षा के लिए क्षेत्रीय भावनाएं जाग रही है। जनता का भरपूर समर्थन उक्रांद को मिल रहा है।
कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत
अल्मोड़ा। उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती के पहली बार जनपद आगमन पर जिला इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इस मौके पर कई लोगों ने उक्रांद की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने बाजार भ्रमण किया और ऐतिहासिक मां नंदा देवी मंदिर में दर्शन कर प्रदेश के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की।
यहां कार्यकारी अध्यक्ष कुंदन सिंह बिष्ट, पंकज व्यास, गणेश प्रसाद कला, जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी, केंद्रीय मंत्री गिरीश नाथ गोस्वामी, शिवराज बनौला, पान सिंह, दीपा जोशी, युवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रघुवर सिंह भाकुनी, नंदन सिंह बिष्ट समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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