-गिरफ्तारी पर रोक व मुकदमे को निरस्त करने के मामले में हुई सुनवाई
इंडिया भारत न्यूज डेस्क (आईबीएन): काशीपुर के किसान द्वारा आत्महत्या करने पर नामजद लोगों की गिरफ्तारी पर रोक व दर्ज मुकदमे को निरस्त करने के मामले पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ ने फिलहाल उन्हें कोई राहत न देते हुए राज्य सरकार से पूछा है कि मामले की क्या स्थिति है, शुक्रवार तक कोर्ट को बताएं। कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रखी है।
मामले के अनुसार बीते शनिवार की रात हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र स्थित एक होटल में काशीपुर निवासी सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
आत्महत्या से पहले सुखवंत सिंह ने फेसबुक पर लाइव आकर कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे, यही नहीं सुखवंत ने ऊधम सिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा समेत तमाम पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। उनके द्वारा कहा गया थाकि उनके साथ जमीन के मामले में धोखाधड़ी हुई है और उनसे करीब 4 करोड़ ठग लिए गए हैं। जब इसकी शिकायत बार-बार पुलिस से की गई तो उनकी शिकायत पर अमल नहीं किया गया, उल्टा उनको डरा धमकाया गया।
उनकी आत्महत्या करने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 26 लोगों पर आईटीआई थाने में नामजद मुकदमा दर्ज किया। यह कार्रवाई मृतक के भाई की तहरीर पर की गयी है। पुलिस ने अमरजीत सिंह, दिव्या, रविन्द्र कौर, लवप्रीत कौर, कुलविन्दर सिंह उर्फ जस्सी समेत हरदीप कौर, आशीष चौहान, गिरवर सिंह, महिपाल सिंह, शिवेन्द्र सिंह, विमल तथाविमल की पत्नी, देवेन्द्र, राजेन्द्र, गुरप्रेम सिंह जगपाल सिंह, जगबीर राय, मनप्रीत कलसी, अमित, मोहित, सुखवंत सिंह पन्नू, वीरपाल सिंह पन्नू, वलवन्त सिंह वसौरा, विजेन्द्र, पूजा और जहीर के खिलाफ मामला दर्ज किया।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता कि तरफ से कहा गया कि उनका इस केस से कोई लेना देना नहीं है। उन्हें इस केस में गलत फंसाया गया है। यह केस दो पक्षों के बीच आपसी जमीन से जुडा मामला है। किसान ने आत्महत्या की है, इसलिए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए और दर्ज मामले को निरस्त किया जाए, जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सरकार से शुक्रवार तक स्थिति से अवगत कराने को कहा है।
India Bharat News Latest Online Breaking News
