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Good News:: बिपिन त्रिपाठी कुमाऊँ प्रौद्योगिकी संस्थान में शुरू होंगे AI और रोबोटिक्स बी.टेक. पाठ्यक्रम, पढ़ें पूरी खबर

 

अल्मोड़ा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (नई दिल्ली) ने बिपिन त्रिपाठी कुमाऊँ प्रौद्योगिकी संस्थान (बीटीकेआईटी), द्वाराहाट को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) तथा रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन में चार वर्षीय बी.टेक. पाठ्यक्रम संचालित करने की औपचारिक मान्यता प्रदान कर दी है।

 

संस्थान को यह स्वीकृति कठोर एवं बहुचरणीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद मिली, जिसमें संस्थान की अवसंरचना, शैक्षणिक गुणवत्ता, वित्तीय सुदृढ़ता और भविष्य की कार्ययोजनाओं का विस्तृत परीक्षण किया गया। दोनों नए पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026–27 से प्रारंभ होंगे।

 

इसे हिमालयी अंचल के युवाओं के लिए भविष्य की उभरती तकनीकों में करियर बनाने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। 21 वीं सदी की औद्योगिक क्रांति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य, कृषि, रक्षा, विनिर्माण, परिवहन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित तकनीकों की मांग निरंतर बढ़ रही है। वैश्विक आकलनों के अनुसार वर्ष 2030 तक एआई उद्योग का बाजार मूल्य 1.8 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक होने का अनुमान है।

भारत सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल और एआई आधारित नीतियों के चलते देश में कुशल विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ी है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (NASSCOM) की रिपोर्ट के अनुसार आगामी वर्षों में भारत को बड़ी संख्या में प्रशिक्षित एआई और रोबोटिक्स इंजीनियरों की आवश्यकता होगी। ऐसे परिदृश्य में बीटीकेआईटी का यह निर्णय उत्तराखंड के युवाओं के लिए दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।

 

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर संतोषकुमार हम्पन्नावर ने बताया कि दोनों पाठ्यक्रम उद्योग की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। एआई पाठ्यक्रम में मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, कंप्यूटर विजन और डेटा साइंस जैसे विषय शामिल होंगे। वहीं रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन में रोबोट डिजाइनिंग, कंट्रोल सिस्टम, एम्बेडेड सिस्टम, आईओटी, ह्यूमन-रोबोट इंटरैक्शन, ड्रोन एवं अंडरवॉटर रोबोटिक्स पर विशेष जोर रहेगा।

 

पाठ्यक्रम में प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण, इंटर्नशिप, उद्योग भ्रमण और केस स्टडी को प्राथमिकता दी जाएगी। परिषद के नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुरूप अंतिम वर्ष में उद्योग-आधारित समग्र परियोजना अनिवार्य होगी।

निदेशक ने कहा कि यह मान्यता संस्थान की वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। संस्थान आधुनिक एआई अनुसंधान प्रयोगशाला, रोबोटिक्स वर्कशॉप, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग क्लस्टर और इंटेलिजेंट सिस्टम लैब की स्थापना की दिशा में कार्य कर रहा है। साथ ही विशेषज्ञ संकाय की नियुक्ति और उद्योग जगत के साथ साझेदारी की प्रक्रिया भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।

 

संस्थान के वरिष्ठ प्राध्यापकों ने विश्वास जताया कि नए पाठ्यक्रम विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता और समस्या-समाधान की क्षमता को नई दिशा देंगे तथा उत्तराखंड को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएंगे।

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