अल्मोड़ा: जिला पंचायत की सामान्य सभा की पहली बैठक में जबरदस्त हंगामा हुआ।बैठक आरोप-प्रत्यारोप के बीच पूरी तरह गरमा गई। बैठक में अनुमानित बजट पारित करने के दौरान विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि उनकी आपत्तियों को दरकिनार करते हुए सत्ता पक्ष ने ध्वनि मत के जरिए जबरन बजट पारित करा दिया। जैसे ही बजट पास होने की घोषणा हुई, विपक्षी सदस्य भड़क उठे और सदन के अंदर ही जोरदार विरोध शुरू कर दिया।
विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिला पंचायत का सदन लोकतांत्रिक तरीके से नहीं बल्कि तानाशाही अंदाज में चलाया जा रहा है। सत्ता पक्ष मनमानी पर उतर आया है और विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। गुस्साए विपक्षी सदस्यों ने इसे लोकतंत्र का अपमान बताते हुए बैठक का बहिष्कार करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। और बाहर आकर जिपं अध्यक्ष और सत्ता पक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्ष ने साफ चेतावनी दी है कि अगर इसी तरह जबरन फैसले थोपे जाते रहे तो वें इस मुद्दे को सड़क से लेकर बड़े मंच तक उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
विपक्षी सदस्यों के बहिष्कार के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा की अध्यक्षता में बैठक दोबारा शुरू हुई। जिसमें जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत सुरेंद्र सिंह नेगी और सीडीओ रामजीशरण शर्मा मौजूद रहे। इस दौरान सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 74 करोड़ से अधिक के अनुमानित बजट को ध्वनिमत से पारित किया गया। जिला पंचायत की आय में वृद्धि करने के लिए संपत्तियों के सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव भी पारित हुआ।
बैठक में सदस्यों ने अपने अपने क्षेत्रों की सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल समेत कई समस्याओं से सदन को अवगत कराया। वही, बैठक में कई विभागाध्यक्षों के नहीं पहुंचने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई और जोर शोर के साथ ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

अधिकारियों के बैठक में नहीं पहुंचने के मामले को जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा व जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा ने भी गंभीरता से लिया। विधायक मेहरा ने नाराजगी जताते हुए ऐसे अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने और कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा ने सभी अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उनका त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत जिले के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बैठक में सदस्यों द्वारा उठाई गई समस्याओं को प्राथमिकता से लेते हुए उनका निदान करना सुनिश्चित करें।
बैठक में जिला पंचायत सदस्य व भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, प्रेम लटवाल, ममता कनवाल, प्रदीप मेहता, सूरज उपाध्याय, हंसा नेगी, भुवन जोशी समेत कई सदस्य मौजूद रहे।
सदस्यों ने ज्ञापन सौंपा, पुन: बैठक कराने की मांग
अल्मोड़ा: जिला पंचायत की बैठक का बहिष्कार करने के बाद विपक्षी जिला पंचायत सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। ज्ञापन में कहा कि अनुमानित बजट से संबंधित उनके सवालों का जवाब मांगने पर उत्तर जिपं अध्यक्ष द्वारा न देकर अन्य जिपं सदस्यों द्वारा दिया जा रहा है, जो सदन की संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि असहमति के बावजूद सभी सदस्यों से बजट का अनुमोदन करने के लिए कहा जा रहा है, जो न्याय व तर्क संगत नहीं है। सदस्यों ने ज्ञापन में यह भी कहा कि सदन निर्धारित समय से एक घंटा देरी से संचालित हुआ, जो सदन की गरिमा को आहत करता है। सदस्यों ने जिला पंचायत की बैठक दोबारा कराने, बैठक का समय दो से तीन दिन रखने और बैठक के बिंदुओं का लिखित प्रारूप सभी सदस्यों को उपलब्ध कराने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिपं सदस्य कुंदन भंडारी, सुनिता कुंजवाल, माया देवी, निशा कनवाल, रजनी फर्त्याल, पूजा रावत, शंभू सिंह रावत, भावना जोशी, कुंदन राम, शैलेजा चम्याल, नीमा देवी, सुंदर सिंह नेगी, भूपाल सिंह, सरस्वती देवी, मनमोहन सिंह, संतोष कुमार, हर्षिता वर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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