–जांच में शिकायत सही पाए जाने पर डीएम का एक्शन
-राजस्व अभिलेखों का काम निजी लोगों से कराने पर हुई कार्रवाई
हल्द्वानी: सरकारी राजस्व अभिलेखों का काम निजी व्यक्तियों से कराना दो रजिस्ट्रार कानूनगो को भारी पड़ गया। शिकायत मिलने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। जांच में आरोप साबित होने पर डीएम ललित मोहन रयाल ने उन्हें पटवारी के पद पर पदावनत कर दिया है।
डीएम रयाल ने कहा कि नैनीताल तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो भूपेश चंद और अर्जुन सिंह बिष्ट पर आरोप था कि उन्होंने अपने पद से जुड़े वैधानिक दायित्व निजी एवं अनधिकृत व्यक्तियों से कराए। अक्तूबर 2024 में मामला संज्ञान में आने पर जिला प्रशासन ने इन आरोपों की नियमानुसार प्रारंभिक जांच कराई गई। तब दोनों रजिस्ट्रार कानूनगो को निलंबित कर दिया गया था। निलंबन की अवधि में अर्जुन को कैंची और भूपेश को धारी तहसील में संबद्ध कर दिया गया था।
इसके बाद मामले में विभागीय जांच शुरू की गई। यह जांच कोश्याकुटौली तहसील की तत्कालीन एसडीएम मोनिका को सौंपी गई थी। जांच अधिकारी ने दस्तावेजी साक्ष्यों, अभिलेखों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर पाया कि दोनों कार्मिकों ने राजस्व से जुड़े कार्यों में निजी व्यक्तियों की सहायता ली।
जांच प्रतिवेदन में आरोपों को पूर्ण रूप से सिद्ध माना गया। जिला प्रशासन ने इसे गंभीर कदाचार, कर्तव्य में घोर लापरवाही और राजकीय शक्तियों के अवैध हस्तांतरण की श्रेणी में माना। दंड निर्धारण के दौरान पद की संवेदनशीलता, कृत्य की गंभीरता और अधिकारियों की ओर से तथ्य स्वीकार करने जैसे पहलुओं पर विचार किया गया।
डीएम ललित मोहन रयाल ने कहा कि, कार्मिक भूपेश चंद और अर्जुन सिंह बिष्ट को उनके वर्तमान पद रजिस्ट्रार कानूनगो से पदावनत करते हुए निम्न पद एवं वेतनमान पर भेजकर दंडित किया है। इसे सेवा पुस्तिका में अंकित किया जाएगा। यह आदेश किसी पृथक आपराधिक या विजिलेंस कार्रवाई को प्रभावित नहीं करेगा।
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