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Birding Festival: बिनसर में हुआ ब​र्डिंग फेस्टिवल, कृत्रिम उपकरणों के उपयोग को पक्षी जगत एवं जैव विविधता संरक्षण के लिए बताया खतरनाक

अल्मोड़ा: बिनसर में ब​र्डिंग फेस्टिवल (Binsar Birding Festival) का आयोजन किया गया। विलेज वेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखंड में पर्यटन एवं बर्ड वाचिंग विषय पर विमर्श किया गया। इस दौरान राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय, भेटुली के छात्र छात्राओं द्वारा पहाड़ की संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधित रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

 

माउंटेन रिजॉर्ट खाली स्टेट में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विलेज वेज की निदेशक मनीषा पांडे ने कहा कि आज देश व दुनिया में बर्ड वाचिंग पर्यटन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। उत्तराखंड विशेषकर बिनसर में बर्ड वाचिंग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कई राज्यों में बर्ड वाचिंग के लिए कृत्रिम उपकरणों के उपयोग को पक्षी जगत एवं जैव विविधता संरक्षण के लिए खतरनाक बताते हुए इस प्रवृत्ति के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता बताई।

 

लोक प्रबंध विकास संस्था के ईश्वर जोशी ने बिनसर के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पक्ष को रखते हुए कहा कि बिनसर में तकरीबन 200 प्रजाति के पक्षी हैं। यहां प्रवासी पक्षियों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। ग्रीष्म काल में प्रवास पर आने वाले कई पक्षी अब यहां जाड़ों में भी दिखाई देने लगे हैं, जो यहां हो रहे जलवायु परिवर्तन को स्पष्ट रूप से दर्शा रहा है।

 

पक्षी विशेषज्ञ गाइड दीपक जोशी ने बिनसर में पाए जाने वाले पक्षी, उनकी प्रकृति तथा उनसे जुड़ी लोक कहानियों को स्लाइड शो के माध्यम से प्रस्तुत किया।

वन क्षेत्राधिकारी मनोज सनवाल ने बिनसर व आसपास क्षेत्र में अभयारण्य प्रशासन द्वारा की गई रोकथाम के बावजूद पर्यटकों द्वारा पालीथिन, प्लास्टिक व इत्यादि कूड़ा-कचरा को जगह-जगह फेंकने पर गहरी चिंता जताते हुए इसकी रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया।

अध्यापक नितिन जोशी ने इस तरह के कार्यक्रमों को बच्चों एवं समुदाय को पक्षी जगत तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। गाइड हेम जोशी तथा पूरन सिंह पिलख्वाल ने बर्ड वाचिंग से संबधित अपने-अपने अनुभव साझा किए।

इस अवसर पर मथुरा दत्त पांडेय, हिमांशु पांडेय, नूतन जंगपांगी, दीप्ति भोजक, वन दरोगा मोहित कुमार, वीरेंद्र सिंह, घनश्याम पांडेय सहित बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद रहे। संचालन तारा सिंह तथा दीपक ने संयुक्त रूप से किया।

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