अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने कहा कि देश की जनता प्रबुद्ध लोगों को देश में तानाशाही लाने की सत्ताधारियों की मंशा को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी. तिवारी ने कहा कि 25-26 जून 1975 को देश में इंदिरा सरकार द्वारा थोपा गया।आपातकाल निश्चय ही काला अध्याय है लेकिन हमें यह नहीं समझना चाहिए कि आपातकाल लाने की परिस्थितियां अब नहीं रही हैं।
उपपा अध्यक्ष तिवारी ने कहा कि देश में जिस तरह सत्ताओं के प्रचंड बहुमत के बाद सरकारों पर कुछ नेताओं का एकाधिकार सामने आ रहा है और राजनीतिक दलों में आंतरिक लोकतंत्र समाप्त हो रहा है या मात्र दिखावे का रह गया है, इससे देश में तानाशाही का खतरा मौजूद है। जिसके लिए सावधान रहने की आवश्यकता है।
उपपा ने कहा कि आज देश की संसद और विधानसभाओं में कानून बनाने पर बहस की परंपरा समाप्त हो रही है। वहीं देश में संघीय ढांचे को कमजोर कर एक एकाधिकार वाली केंद्रीय सत्ता को कायम करने की कोशिश से स्थितियां प्रतिकूल हो रही हैं।
उपपा अध्यक्ष ने कहा कि सत्ता में पूंजीपतियों, सरकार के प्रधानमंत्री कार्यालय में नौकरशाहों के बढ़ते एकाधिकार के चलते देश में मनमर्जी के कानून थोपने, जन आंदोलन की आवाज के साथ अपने-अपने दलों में भी कार्यकर्ताओं की आवाज को न सुनने के चलते 1975 में लागू किए गए आपातकाल की बरसी पर जनता को देश की वर्तमान परिस्थितियों को लेकर सावधानी से विचार करने की जरूरत है ताकि देश में आने वाली किसी भी तानाशाही का लोग मुकाबला कर सकें।
India Bharat News Latest Online Breaking News