अल्मोड़ा: जंगलों को छोड़ रिहायशी इलाके में चहलकदमी कर रहे गुलदार लोगों के लिए जान के दुश्मन बन गए हैं। शौच के लिए जा रही एक युवती व बुजुर्ग महिला गुलदार के हमले से बाल-बाल बच गए। कुछ मिनट के अंतराल में दो अलग-अलग घटनाओं के बाद गांव में दहशत का माहौल है। गुलदार के डर से लोग डरे सहमे हुए है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक हवालबाग विकासखंड के रेंगल गांव निवासी चंद्रशेखर कांडपाल की 19 वर्षीय बेटी हेमा देर शाम करीब 8 बजे शौच के लिए बाहर गई। वह जैसे ही आंगन में पहुंची थी सामने से गुलदार धमक आया। गुलदार को हमले के लिए पास आते देख युवती की चीख पुकार निकल पड़ी। जिसके बाद परिजन बाहर की ओर दौड़े। परिजनों के हल्ला मचाने पर गुलदार खेतों की ओर छलांग लगाकर वहां से भाग गया।
बुजुर्ग महिला पर हमले की कोशिश
ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक इस घटना के करीब 10 मिनट बाद पास में ही रहने वाली एक पार्वती देवी भी शौच के लिए बाहर आ रही थी। इसी दौरान गुलदार ने बुजुर्ग महिला पर भी हमले की कोशिश की। लेकिन महिला की चीख पुकार सुन पड़ोस में रहने वाले लोग बाहर आए। उनके हो हल्ला के बाद गुलदार वहां से भाग गया।
इन दो घटनाओं के बाद गांव में दहशत का माहौल है। गुलदार के भय से ग्रामीणों का घर से बाहर निकलना दुभर हो चुका है। घर से बाहर निकलने पर गुलदार कब हमला कर दे इसकी चिंता लोगों को सताए जा रही है। जिसकी डर से ग्रामीण घर के अंदर दुबकने को मजबूर है।
गौरतलब है कि कुछ माह पहले ही रेंगल के पास गुलदार ने एक बाइक सवार पर जानलेवा हमला किया था। जिसमें बाइक सवार ने भागकर अपनी जान बचाई थी। ग्रामीणों ने बताया कि गुलदार आस पास के गांवों में अकसर दिखाई देता है। कई मवेशियों को गुलदार अपना निवाला बना चुका है। कई बार शिकायत के बाद भी वन महकमा कोई कार्यवाही करने को तैयार नहीं है।
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