Breaking News

Kainchi dham:: विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम की पारदर्शिता पर उठे सवाल, हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

 

इंडिया भारत न्यूज डेस्क: कैंची धाम में गड़बड़ियों के मामले में हाईकोर्ट ने अधिवक्ता धर्मेंद्र बर्थवाल को न्यायमित्र अधिवक्ता नियुक्त किया है। साथ ही सरकार, डीएम सहित अन्य से पक्षकारों से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 4 सप्ताह बाद होगी।

 

कोर्ट ने रजिस्ट्री से कहा है कि जनहित याचिका की प्रति न्यायमित्र को मुहैया कराएं। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई।

 

पिथौरागढ़ निवासी ठाकुर सिंह डसीला की ओर से भेजे गए पत्र पर हाईकोर्ट ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि बाबा नीम करौली द्वारा स्थापित इस पवित्र धाम का संचालन करने वाले ट्रस्ट के बारे में मूलभूत जानकारी भी मुहैया नहीं है। मंदिर ट्रस्ट का नाम, पंजीकरण, कार्यालय का पता तथा ट्रस्टियों की संख्या और नियुक्ति संबंधी जानकारी स्थानीय प्रशासन और रजिस्ट्रार कार्यालय में मौजूद नहीं है।

 

कहा है कि यहां के करोड़ों रुपये के चढ़ावा और आय-व्यय का खुलासा नहीं किया जाता। विदेशी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए विदेशी श्रद्धालुओं के एफसीआरए, लेखा जोखा और ऑडिट रिपोर्ट जारी न करने पर भी सवाल उठाए गए हैं।

 

कहा गया है कि बदरीनाथ -केदारनाथ धाम का संचालन एक अधिनियम तथा जागेश्वर मंदिर का प्रबंधन जिला प्रशासन की निगरानी में एक समिति के माध्यम से होता है। देशभर में भी मंदिरों में निगरानी की ठोस व्यवस्था है। यह भी कहा गया है कि धार्मिक ट्रस्टों का पंजीकरण भारतीय ट्रस्ट अधिनियम-1882 के तहत होता है। इसलिए ट्रस्ट, पंजीकरण तथा ट्रस्टियों के संबंध में जानकारी, संपत्ति और वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जारी की जानी चाहिए।

 

Check Also

BTKIT

Good News:: बिपिन त्रिपाठी कुमाऊँ प्रौद्योगिकी संस्थान में शुरू होंगे AI और रोबोटिक्स बी.टेक. पाठ्यक्रम, पढ़ें पूरी खबर

  अल्मोड़ा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (नई दिल्ली) ने बिपिन त्रिपाठी कुमाऊँ प्रौद्योगिकी संस्थान …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *