अल्मोड़ा: विकास कार्य समय से पूरे हो इसके लिए कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत (Kumaon commissioner Deepak Rawat) ने आज विकास भवन सभागार में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान 5 करोड़ से अधिक लागत वाली योजनाओं की समीक्षा कर कमिश्नर ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों को एक समयबद्धता के साथ पूर्ण करते हुए कार्यों की गुणवत्ता को बनाये रखा जाए। उन्होंने कहा कि यदि कार्यों को समय सीमा तथा गुणवत्ता के साथ नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
कमिश्नर दीपक रावत ने जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) में अब तक हुए कार्यो की समीक्षा की। सामग्री में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन के अन्तर्गत प्रयोग किये जा रहे पाईपों की प्रेशर टेस्टिंग के लिए मुख्य विकास अधिकारी को जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह देखा जाए कि टेस्टिंग में फेल हो रहे पाईप को पानी की लाइनों में तो नहीं लगाया गया है, साथ ही उन्होंने यह भी जांच करने के निर्देश दिये कि पाईपों की जांच जिन लैबों में हो रही है वह लैब मान्यता प्राप्त है या नहीं। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले में जल जीवन मिशन योजना के तहत अब तक 1 लाख 25 हजार 228 कनेक्शनों के सापेक्ष 76 हजार 792 कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
वन भूमि हस्तांतरण के मामलों में वन विभाग को क्षतिपूर्ति के तौर पर पौधरोपण के लिए चिन्हित की गई 500 हेक्टेयर भूमि को खारिज करने पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई। कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि इससे कई महत्वपूर्ण सड़कों समेत अन्य विकास कार्य बाधित हुए है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कमेटी बनने के बावजूद बिना वजह के प्रतिपूरक भूमि को खारिज करना सही नहीं है। समीक्षा करने पर मालूम हो रहा है कि यह जानबूझकर हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में वह विस्तृत रिपोर्ट मंगाई जा रही है, जो भी कार्यवाही होगी उसकी संस्तुति वह अपने स्तर पर करेंगे।
भूमि संबंधी मामलों की समीक्षा के दौरान कमिश्नर दीपक रावत ने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि एक हजार वर्ग मीटर या इससे अधिक क्षेत्रफल की भूमि में खरीद-फरोख्त समेत व्यवसायिक गतिविधियों पर खास नजर रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि सड़कों या अन्य निर्माण कार्यों हेतु जो भूमि अधिग्रहण की जाती है तो भूमि स्वामी को मुआवजा समय से देना सुनिश्चित करें।
इस दौरान आयुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण की 7वीं बैठक भी आयोजित की गयी। बैठक में 13 प्रस्तावों को प्रस्तुत किया गया जिसमें से 12 प्रस्तावों को बोर्ड द्वारा अनुमति प्रदान की गयी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी वंदना, एसएसपी प्रदीप कुमार राय, सीडीओ अंशुल सिंह, डीएफओ सिविल सोयम ध्रुव सिंह मर्तोलिया सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी द्वारा पाॅवर पांइट के माध्यम से सभी विभागों द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया।
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