अल्मोड़ा: जिले में एक 17 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। जबकि मृतका की मां व उसके दो भाईयों को बेस अस्पताल भर्ती किया गया है। बताया जा रहा है कि रात को खाना खाने के बाद परिवार सो गया था। लेकिन सुबह सभी सदस्य बेहोशी की हालत में मिले। जिसमें एक किशोरी की मौत हो गई। इस घटना के बाद किशोरी के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। इस दुखद घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। वही, किशोरी की मौत व उसके परिजनों की तबीयत बिगड़ने की असल वजह सामने नहीं आ पाई है।
जानकारी के मुताबिक लमगड़ा विकासखंड के उडयूड़ा गांव निवासी हरीश राम राजमिस्त्री का कार्य करते है, इन दिनों वह दन्या में है। जबकि उनका परिवार गांव में ही रहता है। 14 अगस्त की रात रोज की भाति परिवार खाना खाकर सो गया था।
हरीश राम की पत्नी रधुली देवी(46), उनकी बेटी पायल (17) व दो बेटे गोकुल (12) व मंयक (10) एक कमरे में सोये थे। जबकि तीसरा बेटा भाष्कर (18) दूसरे कमरे में सोया था। बताया जा रहा है कि जिस कमरे में भाष्कर सोया था, उसकी मां ने वहां दरवाजे में बाहर से कुंडी लगा दी थी।
सुबह जब काफी देर तक परिजनों ने भाष्कर के कमरे के दरवाजे की कुंडी नहीं खोली तो उसने कमरे से ही आस पड़ोस के लोगों को आवाज दी। आवाज सुन आस पड़ोस के लोग वहां पहुंचे। जिसके बाद भाष्कर व अन्य लोगों ने दूसरे कमरे का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं आया। अनहोनी की आशंका के चलते लोगों ने किसी तरह दरवाजा खोल कर अंदर प्रवेश किया तो रधुली देवी व उसके तीनों बच्चे बेहोश हालत में पड़े हुए थे।
स्थानीय लोग आनन-फानन में रधुली देवी व उसके तीनों बच्चों को बेस अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद पायल को मृत घोषित कर दिया। जबकि रधुली देवी का आईसीयू में उपचार चल रहा है। मृतका के दो भाई गोकुल व मयंक भी बेस अस्पताल में भर्ती है।
कोतवाल अरूण कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया। किशोरी की मौत के कारण पता नहीं लग सके है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असल कारण मालूम चल पाएंगे।
रात को खाया था मैगी व अंडा
ग्राम प्रधान उडयूड़ा विजय कुमार ने बताया कि हरीश राम के बेटे भाष्कर ने उन्हें बताया कि रात को सोने से पहले परिवार के सभी लोगों ने एक साथ दूध पिया था जिसके साथ अंडें व मैगी भी खाई थी। ग्राम प्रधान ने यह भी बताया कि परिवार में इस बीच कोई गृह क्लेश भी नहीं हुआ। हफ्ते भर पहले हरीश राम का बड़ा बेटा घर आया था। वर्तमान में वह राजस्थान में जॉब करता है। जिसके बाद वह वापस नौकरी में चले गया था।
जहां एक ओर यह मामला फूड प्वाइजनिंग का बताया जा रहा है वही, दूसरी ओर इस मामले में कई तरह की अन्य चर्चाएं भी है।
इधर, चिकित्सकों का कहना है कि रधुली देवी व उनके दो बेटे फिलहाल खतरे से बाहर है। फिलहाल तीनों का बेस अस्पताल में उपचार चल रहा है।
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