अल्मोड़ा: सरकारी स्कूलों के प्रति अधिकांश अभिभावकों का विश्वास कम हो रहा है। आमतौर पर अधिकांश अभिभावक अच्छी शिक्षा दिलाने की बात कहते हुए अपने पाल्यों का प्रवेश निजी स्कूलों में करवाते हैं। लेकिन जिले के तैनात एक शिक्षिका ने अपने बेटे का एडमिशन सरकारी स्कूल में कराकर मिसाल पेश की है।
राजकीय इंटर कॉलेज नौगांव, ताडीखेत में कार्यरत अतिथि प्रवक्ता हेमलता बोरा ने अपने बेटे निर्भय सिंह का राजकीय इंटर कॉलेज नौगांव में कक्षा 6 में प्रवेश करवाया है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे निर्भय की प्राथमिक शिक्षा हल्द्वानी के एक पब्लिक स्कूल से हुई हैं। उनका पूरा परिवार हल्द्वानी में रहता है, उनके पति जीवन सिंह थल सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि इस फैसले पर उनके परिवार ने उनका पूरा साथ दिया।
शिक्षिका हेमलता बोरा ने कहा कि सरकारी स्कूल किसी भी मायने में निजी स्कूलों से कम नहीं है। यहां बेहतर पढ़ाई होती है। उन्होंने कहा कि कई लोग निजी विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने को अपने पद प्रतिष्ठा से जोड़ रहे हैं।
अधिकारियों ने की सराहना
मुख्य शिक्षा अधिकारी अंबा दत्त बलौदी व जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक सी एस बिष्ट ने शिक्षिका हेमलता बोरा के इस फैसले को अनुकरणीय व सराहनीय बताते हुए उनके द्वारा लिए गए निर्णय की प्रशंसा की है।
शिक्षिका को किया सम्मानित
स्कूल के प्रधानाचार्य संतोष कुमार, स्कूट स्टाफ व स्थानीय अभिभावकों द्वारा प्रवेशोत्सव के अवसर पर नव प्रवेशी बच्चों के साथ ही शिक्षिका हेमलता बोरा को सम्मानित करते हुए उनके इस फैसले की प्रशंसा की।
इस अवसर पर पीटीए अध्यक्ष दीपा देवी, एसएमसी अध्यक्ष सुरेंद्र कनवाल, डॉ. ललित चंद पाठक, शिव दत्त पांडे, दीपचंद, प्रदीप वर्मा, शोभा आर्या, हेमलता बोरा, संजू कार्की, गीता आर्या, गीतांजलि तिवारी, कीर्ति किरण, ज्वाला सिंह, फ़ज़ल रहमान, विपिन चन्द्र व स्थानीय अभिभावक मौजूद रहे।
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