Breaking News
Oplus_131072

नहीं रहे सुप्रसिद्ध लोकगायक व संस्कृतिकर्मी दीवान कनवाल, शोक की लहर

अल्मोड़ा: सुविख्यात लोकगीत गायकों में सुमार तथा अपनी जादुई कर्णप्रिय गायन प्रतिभा से जनमानस का दिल जीतने वाले संस्कृतिकर्मी दीवान कनवाल का निधन हो गया है। वह करीब 65 वर्ष के थे।

 

दीवान कनवाल उर्फ ‘दीवान दा’ अपने गीतों की मिठास और सादगी से लोगों के दिलों में बसते थे। उनके निधन से अल्मोड़ा समेत प्रदेशभर में शोक की लहर है। उनके निधन का समाचार सुनने के बाद हर कोई इस महान लोकगायक को श्रद्धांजलि दे रहा है।

 

जिला मुख्यालय स्थित खत्याड़ी गांव निवासी दीवान कनवाल पिछले कुछ समय से अस्वस्थ्य चल रहे थे। हल्द्वानी के एक हॉस्पिटल में उनका उपचार चल रहा था। ऑपरेशन के बाद कुछ दिन पहले ही वह अपने घर लौटे थे। बुधवार सुबह उन्होंने अपने आवास में अंतिम सांस ली।

 

दीवान कनवाल अपने पीछे अपनी वयोवृद्ध माता, दो विवाहित पुत्रों, दो पुत्रियों को रोता बिलखता छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी का पूर्व में निधन हो गया था। स्थानीयजनों से मिली जानकारी के मुताबिक स्व. कनवाल की अंतिम यात्रा बुधवार दोपहर या अपराह्न में स्थानीय बेतालेश्वर घाट के लिए प्रस्थान करेगी।

 

दीवान कनवाल के, ‘दाज्यु हमार जवाई रिषे ग्ये…, आज कुछे मैत जा… कस भिड़े कुनई पंडित ज्यू कस करछा ब्या…. ह्यू भरी डाना… समेत कई आंचलिक कुमांऊनी बोली-भाषा के गाने बहुत हिट हुए। साथ ही लोगों द्वारा खूब गाए-बजाए गए। करीब 35 वर्षों से अधिक समय तक अपनी गायकी से उन्होंने लोगों का दिल जीता। सभी सांस्कृतिक आयोजनों में वें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे।

 

उनके निधन पर लोक कलाकारों, राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत कई लोगों ने शोक जताया है।

 

Check Also

पत्रकारों से अभद्रता पर भड़के विधायक मनोज तिवारी, नर्सिंग कॉलेज संचालक पर सख्त कार्रवाई की मांग

अल्मोड़ा: नगर में एक निजी नर्सिंग कॉलेज के संचालक द्वारा हाल ही में पत्रकारों के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *