अल्मोड़ा। अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय हाईवे में रविवार दोपहर क्वारब पुल से ठीक पहले पहाड़ी का एक हिस्सा भरभराकर सड़क पर गिर गया। इस दौरान यात्रियों को ले जा रहा एक टैक्सी वाहन भूस्खलन की चपेट में आने से बाल बाल बच गया। अगर टैक्सी वाहन कुछ दूरी और तय करता तो पांच लोगों की जान जा सकती थी। शुक्र है कि वाहन के वहां पहुंचने से चंद सेकेंड पहले पहाड़ी से मलबा व बड़े बड़े बोल्डर सड़क पर गिर गए। इससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
अल्मोड़ा—हल्द्वानी राष्ट्रीय हाईवे में क्वारब के पास मलबा आने से एनएच में दोनों ओर से सैकड़ों वाहन फंसे रहे। जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ी। अल्मोड़ा से चार सवारियों को लेकर हल्द्वानी की ओर जा रहे टैक्सी चालक प्रदीप रावत ने बताया कि जैसे ही वे क्वारब पुल के पास पहुंचे तो अचानक पहाड़ी से मलबा आ गया। और बड़े बड़े पत्थर आ गए। अगर वे थोड़ा और आगे निकल गए होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। यह मंजर देख वाहन में सवार यात्रियों की कुछ पल के लिए सांसे अटक पड़ी।
मलबा हटाने के लिए नहीं मिला आपरेटर
रविवार को दोपहर करीब 12 बजे के आस पास क्वारब में मलबा आ गया था। जिसके बाद में नैनीताल जिला प्रशासन की जेसीबी से मलबा हटाने का कार्य शुरू हुआ। लेकिन सड़क की दूसरी ओर से मलबा हटवाने के लिए अल्मोड़ा जिला प्रशासन को जेसीबी आपरेटर नहीं मिल पाया। व्यवस्था ठीक नहीं होने पर कई यात्रियों ने नाराजगी जताई। जिम्मेदार अधिकारी श्राद्ध में कई आपरेटरों के घर जाने का हवाला देते रहे। किसी तरह दो घंटे बाद आपरेटर की व्यवस्था कर हाईवे से कुछ मलबा हटाकर वाहनों के निकलने की जगह बनाई गई। करीब चार घंटे बाद एनएच को यातायात लिए सुचारू कराया गया। लेकिन यात्रियों की सुरक्षाा को देखते हुए हाईवे को रात्रि में यातायात के लिए बंद किया जा सकता है।
सहायक अभियंता गिरीश चंद्र पांडे ने बताया कि पुल के पास लगातार पहाड़ी से मलबा व पत्थर गिर रहे है। जिससे अब भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मलबा हटाने के लिए दोबारा यातायात रोकने की आवश्यकता पड़ सकती है।
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