अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी सहित समूचे जिले में होली के अंतिम रूप में मनाये जाने वाला छलड़ी पर्व धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल का टीका लगाया और गले मिलकर बधाई दी।
शुक्रवार देर रात अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ने के साथ शुरू हुई बारिश शनिवार सुबह तक रूक-रूक कर होती रही। जिससे ठंड में इजाफा तो हुआ लेकिन बारिश होल्यारों का उत्साह नहीं रोक पाई।
इस दौरान होली खेली खालि मथुरा को चले, आज कन्हैया रंग भरे, आजैकि होली न्है ग्ये छ, फागुन उलौं कै गे छ, जी रया, जाग रया कै गे छ, फागुन उलौं कै गे छौ..। आदि होली गाकर व आशीष देकर होली का समापन किया। शहर, गांव, सड़कों पर जगह-जगह नाचते-गाते होल्यारों व बच्चों की टोलियों ने भी खूब धमाल मचाया।
नगर के धारानौला, चीनाखान, ढूंगाधारा, कर्नाटक खोला, नरसिंहबाड़ी, खत्याड़ी, एनटीडी, शैल, पांडेखोला, कसार देवी, रानीधारा सहित हवालबाग, बाड़ेछीना, लमगड़ा, पनुवानौला, धौलछीना, भैसियाछाना के साथ अन्य हिस्सों में होली की धूम रही। छलड़ी के समापन के बाद जगह-जगह भंडारों का आयोजन कर प्रसाद वितरण किया गया।
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