अल्मोड़ा। उत्तराखण्ड लोक वाहिनी ने बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय पर संतोष व्यक्त किया है। वाहिनी ने कहा कि अंकिता के माता-पिता द्वारा दोषियों को फांसी की सजा दिलाने के लिए उच्च न्यायालय में अपील करने के निर्णय का उलोवा पूर्ण समर्थन करती है।
शनिवार को रेवती बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अधिवक्ता जगत रौतेला ने कहा कि कोर्ट का यह निर्णय न्याय की जीत है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि जिस कथित वीआईपी की चर्चा इस प्रकरण में लगातार होती रही, उसका बच निकलना सरकार की पक्षपाती भूमिका का परिणाम है।
अधिवक्ता रौतेला ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा घटना स्थल पर बुलडोजर चलवाकर साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया गया, जिससे मामले की निष्पक्ष जांच में बाधा उत्पन्न हुई। यदि साक्ष्य नष्ट नहीं किए जाते, तो कथित वीआईपी को भी न्यायालय से सजा मिलने की संभावना थी।
उलोवा ने न्याय हित में वीआईपी की जांच कर उच्च न्यायालय में दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की है। ताकि समाज में न्याय पर जनविश्वास बना रहे।
बैठक में दयाकृष्ण काण्डपाल, अजयमित्र बिष्ट, पूरन चन्द्र तिवारी, अनिसुद्दीन, जंगबहादुर थापा, एड अजय मेहता सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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