- अल्मोड़ा। उत्तराखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष जगदीश रौतेला ने कहा कि प्रदेश सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड के आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। इतने साल बाद भी वीआईपी का नाम सामने नहीं आ पाया। जो कि इस प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
जारी एक बयान में रौतेला ने प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि आखिर वीआईपी के मोबाइल की जांच क्यों नहीं हुई। धामी सरकार वीआईपी को बचाने का प्रयास कर रही है उत्तराखंड क्रांति दल पूरे प्रदेश में इसके लिए संघर्षरत है, और रहेगी। भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार सिंदूर घर-घर पहुंचाने का कार्यक्रम जारी कर चुनावी नौटंकी कर रही है। देश की सेना को भी राजनीति में लाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजाक बना रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गैरसैण को स्थाई राजधानी का दर्जा नहीं दे पाई। पहाड़ी राज्य की जनभावनाओं को दरकिनार कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेख रही है। जल, जंगल, जमीन और खनन माफिया का बोलबाला इस प्रदेश में हो रहा है। विकास कार्य खनन और शराब के अलावा कुछ भी नहीं है।
रौतेला ने कहा कि कृषि शिक्षा स्वास्थ्य में वर्तमान तक पहाड़ के लोगों के लिए नीतियों के अभाव में ठगी हो रही है। एम्स जैसे संस्थान में बाहरी लोगों को वरीयता दी जा रही है। ऐसी स्थिति में पहाड़ के लोग ठगा सा महसूस कर रहे हैं। प्रदेश में पहाड़ के जिलों में रोजगार की नीति का अभाव है। उद्योगों को उधम सिंह नगर और हरिद्वार तक ही सीमित कर दिया गया है। लघु उद्योगों को बढ़ावा नहीं दिया जा रहा है। पहाड़ में कोई भी लघु उद्योग नहीं लग पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उक्रांद इसके लिए संघर्ष करता रहेगा।
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