Breaking News
Oplus_131072

सालों बाद भी नहीं बन पाई दो किमी सड़क, ग्रामीणों ने PWD कार्यालय का घेराव और धरना-प्रदर्शन किया

अल्मोड़ा। सरकार की स्वीकृति और बजट की उपलब्धता के बाद भी जिला मुख्यालय से लगे सब्जी उत्पादक गांव भुल्यूड़ा पांच साल बाद भी सड़क से नहीं जुड़ सका है। सड़क के आध अधूरे निर्माण से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को निर्माण खंड लोनिवि कार्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। जल्द सड़क नहीं बनने पर बड़ा आंदोलन चलाने का ऐलान किया है।

साल 2020 में 3.5 किमी सड़क के लिए 96.63 लाख का बजट भी स्वीकृत है। 2021 में लोनिवि ने कुछ दूरी तक सड़क बनाई उसके बाद छूटा काम अब तक अधूरा है। ग्रामीणों ने कहा कि किसानों की आय में बढ़ोतरी, उत्पादन की बाजार तक आसान पहुंच, आत्मनिर्भर गांव आदि सरकार के संकल्प सुनहरे भविष्य का सपना दिखाते तो हैं, लेकिन हकीकत बनने में दशक बीत जाते हैं। और भुल्यूड़ा गांव इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

ग्रामीणों ने कहा करीब दो किमी सड़क बनाने को लेकर वें विभाग, प्रशासन और नेताओं की परिक्रमा करते रहे, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। लंबे इंतजार की बात ग्रामीणों का धैर्य टूट गया। सामाजिक कार्यकर्ता विनय किरौला के नेतृत्व में ग्रामीण लोनिवि कार्यालय आ धमके। जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी, प्रदर्शन किया और ईई निर्माण खंड विभोर गुप्ता का घेराव किया।

सभा में वक्ताओं ने कहा भुल्यूड़ा सब्जी उत्पादक गांव है। ग्रामीण सालभर विभिन्न तरह की सब्जियों का उत्पादन कर आजिविका चलाते हैं। कोविड के दौर में शहरों से नौकरियां छोड़कर वापस गांव पहुंचे युवाओं द्वारा सब्जी उत्पादन को व्यवसाय के रूप में अपनाया है। सरकारी सहायता के बगैर भी ब्रोकली, एवोकाडो जैसे फल सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है, लेकिन सड़क नहीं होने से उत्पादन को बाजार तक ले जाना चुनौती बन रहा है। विभाग के अधिकारियों ने जुलाई अंतिम सप्ताह में सड़क निर्माण कार्य शुरू करने का लिखित आश्वासन देने पर ग्रामीण मान गए।

धरना प्रदर्शन में जीवन सिंह बिष्ट, संजय बिष्ट, मोहित बिष्ट, ग्राम प्रशासक वैशाली टम्टा, कमल बिष्ट, गौरव बिष्ट, आशा देवी, बहादुर सिंह बिष्ट, हरीश बिष्ट, जगदीश बिष्ट, पुष्पा देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

Check Also

Big news

डिमोशन: लापरवाही बरतना 2 रजिस्ट्रार कानूनगो को पड़ा भारी, DM ने बना दिया पटवारी, जानिए पूरा मामला

  –जांच में शिकायत सही पाए जाने पर डीएम का एक्शन -राजस्व अभिलेखों का काम …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *