अल्मोड़ा। अधिवक्ताओं के शिष्टमंडल ने एडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अधिवक्ताओं की सामाजिक सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा उनका तीस लाख रुपये का जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा कराए जाने तथा नव पंजीकृत कनिष्ठ अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन राशि (स्टाइफन्ड) व उम्रदराज वरिष्ठ अधिवक्ताओं को जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने की मांग की है।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि उनके समक्ष वर्तमान में बहुत सी चुनौतियां हैं और उनमें भी नव पंजीकृत जूनियर अधिवक्ताओं के लिए शुरूआती वर्ष आर्थिक रूप से चुनौतिपूर्ण साबित हो रहे हैं जिससे नए अधिवक्ताओं के लिए जीविकोपार्जन के दृष्टिकोण से अधिवक्ता व्यवसाय में बने रहना बेहद कठिन हो रहा है। ऐसे में सरकार द्वारा शुरूआती पांच साल तक जूनियर अधिवक्ताओं के लिए समुचित प्रोत्साहन राशि और 60 वर्ष से अधिक आयु के अधिवक्ताओं के लिए जीवन निर्वाह भत्ते के रूप में 20-20 हजार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिससे वे अपना शेष जीवन बिना किसी आर्थिक परेशानी के बिना किसी पर निर्भरता के सम्मान के साथ व्यतीत कर सकें।
इसके अलावा बार काउंसिल से संबद्ध सभी अधिवक्ताओं को सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कालेजों व सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की मांग की है।
शिष्टमंडल में बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कवीन्द्र पंत, पूर्व उपाध्यक्ष कुंदन सिंह लटवाल, जमन सिंह बिष्ट, जगदीश तिवारी, रवीन्द्र सिंह बिष्ट, भगवती प्रसाद पांडे, त्रिभुवन पांडे, अजय सिंह मेहता, संजय विद्यार्थी, प्रताप सिंह अधिकारी, भूपेंद्र सिंह खोलिया, हृदयेश दीपाली, दीवान सिंह लटवाल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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