अल्मोड़ा। राजकीय शिक्षक संघ जिला इकाई ने सरकार की क्लस्टर विद्यालय योजना को विरोध किया है। संघ ने प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी अत्रेश सयाना के माध्यम से निदेशक माध्यमिक शिक्षा को ज्ञापन प्रेषित कर योजना को छात्र हित के खिलाफ बताया।
ज्ञापन में जिलाध्यक्ष भूपाल सिंह चिलवाल एवं जिला मंत्री राजू महरा ने कहा कि शिक्षा सभी के लिए उपलब्ध हो इस उद्देश्य के साथ ग्रामीण अंचलों में विद्यालय खोले गए हैं। जहां पर निर्धन और वंचित तबके के छात्र आसानी से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं का पंजीकरण भी विद्यालयों में निरन्तर बढ़ा है। क्लस्टर विद्यालय बनने के बाद इसका सबसे बड़ा नुकसान बालिका शिक्षा को होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राज्य में दो हजार से अधिक माध्यमिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं लेकिन क्लस्टर विद्यालय बनने के बाद इनकी संख्या मात्र 559 रह जाएगी। अकेले अल्मोड़ा जिले में 264 माध्यमिक विद्यालय क्लस्टर बनने के बाद मात्र 67 रह जाएंगे। जिससे एक बड़े तबके से शिक्षा की पहुंच दूर हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि क्लस्टर विद्यालयों तक पहुंचने के लिए छात्रों को रोजाना वाहनों के माध्यम से आवागमन करना होगा जो ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों और यातायात की सुविधा के दृष्टिगत अत्यंत खतरनाक है। उन्होंने इस योजना को अव्यवहारिक बताते हुए इसके स्थान पर सभी विद्यालयों में रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने और उन्हें संसाधनों से लैस करने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष भूपाल सिंह चिलवाल, जिला मंत्री राजू मेहरा के अलावा पूर्व मंडलीय मंत्री डॉ कैलाश सिंह डोलिया, ब्लॉक मंत्री हवालबाग खुशहाल सिंह महर, ब्लॉक मंत्री धौलादेवी नितेश कांडपाल आदि मौजूद रहे।
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