अल्मोड़ा। बच्चियों के खिलाफ यौन शोषण के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची एक 16 वर्षीय किशोरी जांच में आठ माह की गर्भवती पाई गई। जांच में किशोरी के गर्भवती होने के खुलासे के बाद उसके साथ अस्पताल पहुंचे परिजनों की पैरों तले जमीन खिसक गई।
अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, किशोरी नैनीताल जिले की रहने वाली है। जो वर्तमान में एक सरकारी स्कूल में दसवीं की छात्रा है। बताया जा रहा है कि किशोरी के साथ उसके दो सगे चचेरे भाईयों द्वारा दुष्कर्म किया गया। लेकिन लोकलाज के भय से उसने यह बात अपने परिजनों से छिपा कर रखी।
अचानक पेट में तेज दर्द की शिकायत पर किशोरी के परिजन उसे सोमवार को अल्मोड़ा के एक अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसका अल्ट्रासाउंड किया तो किशोरी आठ माह से अधिक की गर्भवती पाई गई। अस्पताल प्रशासन द्वारा तुरंत मामले में पुलिस स्टेशन में पीआई भेजी गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता के परिजनों ने घटनास्थल के संबंधित थाने में ही एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। अस्पताल से मेमो मिलने के बाद पीड़िता के निवास स्थल के क्षेत्रांतर्गत आने वाले संबंधित थाने को मामले से अवगत करा दिया गया है।
एसएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि इस मामले में अस्पताल द्वारा पीआई भेजी गई है। पीड़िता के परिजनों ने नैनीताल जिले के संबंधित थाना में ही रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है। संबंधित थाने के अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है। मामले में हमारी ओर से पूरी नजर रखी जा रही है।
निर्भया प्रकोष्ठ की पूर्व अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने कहा कि पॉक्सो अधिनियम के अधीन वाले मामले बेहद संवेदनशील प्रकृति के होते हैं। एक बच्चे की सुरक्षा व संरक्षण की जिम्मेदारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है। लोकलाज के डर से कई लोग ऐसे मामलों को छिपाने का प्रयास करते हैं जो कि अपने आप में एक अपराध है। किसी भी बच्चे के प्रति कोई अपराध का मामला सामने आता है तो जिम्मेदार विभाग को अपनी डयूटी निभाते हुए आवश्यक कार्यवाही करनी चाहिए।
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