विधायक ने कहा, कांग्रेस सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ खोलेगी मोर्चा
पेपर लीक के मामलों को रोकने में सरकार को बताया विफल
अल्मोड़ा। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में विधायक मनोज तिवारी ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने का दावा करने वाली भाजपा सरकार पेपर लीक के मामलों को रोकने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में भाजपा सरकार और आयोग की भूमिका संदिग्ध है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान विधायक तिवारी ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों के युवाओं द्वारा दैवीय आपदा को देखते हुए सरकार से परीक्षा तिथि बढ़ाने की मांग की गई थी। लेकिन सरकार ने उनकी मांगों को अनसुना किया। जिसके चलते कई अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए।
उन्होंने कहा कि रविवार सुबह 11 बजे प्रदेश के 445 केंद्रों में परीक्षा हुई। परीक्षा शुरू होने के करीब 35 मिनट बाद ही पेपर के तीन पेज लीक हो जाते हैं। परीक्षा केंद्र से पेपर लीक होना गंभीर सवाल है। सरकार व आयोग को प्रदेश के नौजवानों को इसका जवाब देना चाहिए। सरकार ने नकल विरोधी कानून के नाम पर खूब वाहीवाही लूटने का काम किया। लेकिन सरकार व आयोग की नाकामी के चलते फिर से पेपर लीक हुआ। जिससे प्रदेश के लाखों युवा हतोत्साहित और आक्रोशित है।
विधायक तिवारी ने सरकार से तत्काल पेपर निरस्त करने, मामले की सीबीआई और न्याययिक जांच कराने एवं यूकेएसएसएससी के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बदलने की मांग की हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश के युवाओं के साथ खड़ी है। पार्टी जल्द ही आंदोलन की रणनीति तैयार कर सड़कों पर उतरकर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का काम करेगी।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज, नगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, पूर्व जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, पूर्व नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला आदि मौजूद रहे।
India Bharat News Latest Online Breaking News