नगर निगम के जिम्मेदारों ने उड़ाई नियमों की धज्जियां
अग्निशमन विभाग ने साधी चुप्पी
अल्मोड़ा। नगर की सबसे बड़ी बहुमंजिला पार्किंग फायर सेफ्टी को लेकर पूरी तरह असुरक्षित है। यहां पार्क होने वाले सैकड़ों वाहनों की फायर सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं है। आलम यह है कि पार्किंग के संचालित होने के करीब डेढ़ दशक बाद भी जिम्मेदारों के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी तक नहीं है। वही, समय समय पर निजी होटलों, प्रतिष्ठानों में नियमों का पाठ पढ़ाने वाले फायर महकमे के जिम्मेदार अधिकारी भी इससे बेखबर बने हुए हैं।
शिखर तिराहे के पास नगर निगम की बहुमंजिला पार्किंग है। यहां दो सौ से अधिक दोपहिया और चार पहिया वाहन पार्क होते हैं। पार्किंग स्थल में संभावित अग्नि दुर्घटना रोकने के लिए पानी का इंतजाम तक नहीं होना घोर लापरवाही और नियमों का खुला उल्लंघन है। इस बहुमंजिला शॉपिंग कांप्लेक्स और पार्किंग स्थल में दर्जनों व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं। पार्किंग के एवज में धनराशि चुकाने के बावजूद वाहनों को अग्नि दुर्घटना से बचाने के कोई इंतजाम नहीं हैं। पानी की लाइन तो दूर आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंग्यूसर तक नहीं लगे हैं।
नियमानुसार किसी भी कार्यालय अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान को संचालित करने से पूर्व आग से बचाव को पुलिस के फायर विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी होता है। इस मल्टीस्टोर पार्किंग का नगर निगम व्यावसायिक उपयोग कर रहा है। पार्किंग ठेके से ही निगम को चालीस लाख रुपए वार्षिक आय हो रही है, लेकिन यहां संभावित आग की घटना होने पर बचाव के प्राथमिक प्रबंध तक नहीं हैं। निर्माण के समय ही सभी तलों में फायर लाइन बिछाई गई है, लेकिन डेढ़ दशक बीतने के बाद भी फायर हाइड्रेंट अथवा पेयजल लाइन से इसे जोड़ा ही नहीं गया है।
निजी होटल अथवा व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में प्रशासन और पुलिस को इस प्रकार की लापरवाही मिलती तो उन पर कड़ी कार्रवाई कर जुर्माना लगा दिया जाता है। व्यवस्था चाक चौबंद नहीं होने तक सील होने की तलवार अलग लटकी रहती है। लेकिन शहर के बीचों बीच घनी आबादी क्षेत्र में स्थित इस बहुमंजिला पार्किंग में आग से बचाव के इंतजाम को लेकर नगर निगम, प्रशासन और पुलिस की लापरवाही का रुख चिंताजनक है।
किसी भी सार्वजनिक स्थल पर गतिविधियां संचालित करने से पहले आग से बचाव को पर्याप्त इंतजाम होना ही जरूरी नहीं बल्कि उपकरणों का फायर विभाग से सत्यापन और अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना कानूनी रूप से जरूरी होता है। नगर निगम की पार्किंग में बीते दिनों आग लगी थी। वहां आग से बचाव को इंतजाम नहीं थे। नगर निगम को इस संबंध में व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द व्यवस्थाएं ठीक नहीं हुई तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-नरेंद्र सिंह कुंवर, सीएफओ अल्मोड़ा।पार्किंग भवन में बिछाई गई पानी की लाइन काफी मोटी हैं। जल संस्थान से कई बार संयोजन मांगा गया, लेकिन संस्थान की लाइनों की क्षमता कम होने से कनेक्शन नहीं मिल रहा है। जल संस्थान को पत्र बनाकर भेजा जा रहा है, ताकि फायर हाइड्रेंट अथवा जल संस्थान की लाइन से पार्किंग भवन में पानी की लाइन बिछाई जा सके।
-लक्ष्मण सिंह भंडारी, प्रभारी सहायक आयुक्त, नगर निगम अल्मोड़ा।
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