अल्मोड़ा। ऐपण की वरिष्ठ कलाकार मीरा जोशी को उत्तराखंड की लोक हस्तकला के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। कुमाऊनी भाषा साहित्य एवं संस्कृति प्रचार समिति द्वारा शुक्रवार को रुद्रपुर में आयोजित राष्ट्रीय कुमाऊनी भाषा सम्मेलन में पूर्व राज्यपाल व पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी द्वारा उन्हें संस्कृति सेवी सम्मान प्रदान किया गया।
अल्मोड़ा निवासी 80 वर्षीय मीरा जोशी 1980 से ऐपण कला को जन जन तक पहुंचाने के लिए समर्पित हैं। पिछले 44 वर्षों से इस कला के प्रचार प्रसार मे जुटी मीरा जोशी सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों के माध्यम से अब तक पन्द्रह हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर चुकी हैं। उनके कार्यों की कई राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियां देश की प्रतिष्ठित आर्ट गैलरी में लग चुकी है।
जोशी ने युवा कलाकारों को ऐपण कला की ओर प्रोत्साहित करने के लिए अपनी अल्प फैमिली पेंशन से दस हजार की सम्मान राशि का सम्मान भी शुरू किया। कोरोना महामारी के समय में जीवन की चिंता किए बिना महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र तथा किशोरी सदन, बख में महिलाओं को ऐपण का एक माह प्रशिक्षण दिया और उनमें एक नई ऊर्जा का संचार किया।
मीरा जोशी द्वारा उत्तराखंड की लोक हस्तकला ऐपण को जन जन तक पहुंचाने के लगातार किए जा रहे प्रयासों को मान्यता देते हुए कई राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं द्वारा उन्हें समय समय पर सम्मानित किया जाता रहा हैं।
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