-अधिकारियों व कार्मिकों के साथ बैठक कर दिए आवश्यक निर्देश
-पीएमश्री राइंका अल्मोड़ा का निरीक्षण कर शैक्षिक गतिविधियों को सराहा
अल्मोड़ा। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा (कुमाऊं) शिवप्रसाद सेमवाल बुधवार को जिले के भ्रमण पर रहे। इस दौरान उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में एडी ने अधिकारियों व कार्मिकों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासकीय कार्यों का निर्वहन निर्धारित समय में पूरा करें। फाइलों को अनावश्यक लंबित न रखा जाए। प्रत्येक पटल पर सूचना संकलित रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने समावेशी शिक्षा की दिशा में काम कर व्यवस्थित और योजनाबद्ध तरीके से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
एडी सेमवाल ने स्कूलों में स्थापना दिवस व पुरातन छात्र सम्मेलन (एल्युमिनी मीट) कार्यक्रमों पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में संसाधनों के विकास के लिए यह बड़ी पहल बन सकती हैं। इन मौकों पर पुरातन छात्रों को आमंत्रित कर उन्हें सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई स्कूलों में इस तरह के कार्यक्रमों के बाद वहां के संसाधनों का विकास हुआ है। इसलिए प्रत्येक स्कूल स्तर पर यह पहल होनी चाहिए।
इसके बाद एडी सेमवाल द्वारा पीएमश्री अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज, अल्मोड़ा का औचक निरीक्षण कर स्कूल में शैक्षिक गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने स्कूल के शैक्षिक व भौतिक वातावरण की प्रशंसा की। एडी द्वारा स्कूल में स्थापित अटल टिंकरिंग लैब का निरीक्षण कर छात्रों द्वारा बनाए गए आकर्षक विज्ञान मॉडलों के बारे में जानकारी प्राप्त कर उन्हें सराहा गया।
इस मौके पर प्रभारी सीईओ चंदन बिष्ट, बीईओ डॉ. रवि मेहता, प्रधानाचार्य राजेश बिष्ट, डॉ. जीएस रावत, वित्त अधिकारी जेएस बिष्ट, मुख्य वैयक्तिक अधिकारी जगमोहन रौतेला, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मोहित पांडे के साथ ही अन्य कार्मिक मौजूद रहे।
एडी बोले, सरकारी स्कूलों के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत
अल्मोड़ा। अपर निदेशक शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि वर्तमान में सरकारी व निजी विद्यालयों के बीच जो तुलना आमतौर पर की जाती है उसमें कुछ में सच्चाई है, लेकिन बहुत कुछ धारणाओं पर है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता व प्रशिक्षण के मानक तय हैं। हर गली में खुल चुके निजी विद्यालयों की इससे तुलना नहीं जा सकती।
एडी ने कहा कि इसमें कोई दोराय नहीं है कि कई सरकारी विद्यालय संसाधन संपन्न नहीं है, कई विद्यालयों में अध्यापकों की कमी बनी हैं। मौजूदा समय में स्कूलों व जनता के बीच समन्वय जरूरी है। एल्युमिनी मीट इस ओर महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। ताकि लोग स्कूल का शैक्षिक इतिहास व उसकी संस्कृति जान सकें। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों को बेहतर मापदंड में लाने के लिए बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। इसके लिए मंडल व जिला स्तर पर कुछ लक्ष्य तय किए गए हैं, उन्हें हासिल करने के प्रयास जारी है।
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