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Haldwani double murder case: मृतकों की हुई शिनाख्त, मेडिकल स्टोर में काम करती थी लक्ष्मी, अल्मोड़ा निवासी शुभम नशा मुक्ति केंद्र में था काउंसलर

हल्द्वानी: नैनीताल जिले के हल्द्वानी मंडी परिसर में हुई सनसनीखेज वारदात में मिले शवों की पुलिस ने शिनाख्त कर ली है। युवती की शिनाख्त नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक के मल्ली पोखरी निवासी कु. लक्ष्मी पुत्री हेम चंद्र पोखरिया के रूप में हुई है। वह एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वहीं, युवक की पहचान मृतक 31 वर्षीय शुभम टम्टा पुत्र किशोरी लाल टम्टा, निवासी खोल्टा के रूप में हुई है। फिलहाल युवक व युक्ति के बीच का कनेक्शन स्पष्ट नहीं हो पाया है।

 

युवक का लक्ष्मी से क्या कनेक्शन है, इसके बारे में परिजनों को जानकारी नहीं है। दोनों मृतक गल्ला मंडी में क्या करने आए थे, इन दोनों का क्या कनेक्शन रहा है। इनकी हत्या किस बात पर की गई और क्यों की गई इसकी पुलिस गहन छानबीन कर रही है।

 

घटना की सूचना के बाद युवक व युवती के स्वजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जिन्होंने इस जघन्य हत्या के पर्दाफाश की मांग पुलिस से की है। शुभम टम्टा के ताऊ पुलिस से एसआई पद से सेवानिवृत्त हरीश लाल ने मीडिया को बताया कि छह भाई बहनों में शुभम सबसे छोटा था, वह नशे का आदी था, जिस पर पांच साल पूर्व उसे हल्द्वानी के कटघरिया क्षेत्र में भर्ती किया गया था। इसके बाद वह उसी नशा मुक्ति केंद्र में कर्मचारी बन गया था। फिर उसने वहां से नौकरी छोड़ने के बाद ही दूसरे नशा मुक्ति केंद्र में काउंसलर बन गया।

 

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बताया कि मृतक शुभम के पिता किशोरी लाल अल्मोड़ा में डाक विभाग में बड़े बाबू रहे हैं। उनकी दो साल पहले मृत्यु हो गई। वहीं मां भागीरथी देवी खोल्टा में पूर्व ग्राम प्रधान थी। जिनकी बीमारी के चलते मौत हो गई।

उधर, मृतका 19 वर्षीय लक्ष्मी के बड़े भाई सुरेश पोखरिया ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह आठ भाई बहन हैं। जिनमें लक्ष्मी सातवें नंबर की थी। उनके पिता हेमचंद्र पोखरिया की दो शादियां हुई थी। जो नैनीताल के ग्राम सभा मल्ली पोखरी में पुरोहित हैं।

 

बताया कि लक्ष्मी पढ़ाई के लिए हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र रह रही थी और वह एमबीपीजी में बीएससी के दूसरे साल में पढ़ाई कर रहे थी। खर्च चलाने के लिए वह मेडिकल स्टोर में काम करती थी। वह पढ़ाई में काफी होशियार रही है।

 

 

 

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