अल्मोड़ा: विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, हवालबाग के कृषि विज्ञान केन्द्र, काफलीगैर, बागेश्वर द्वारा 19 से 25 फरवरी तक ग्रामीण युवाओं के लिए पर्वतीय क्षेत्र में एग्रो–टूरिज्म: ग्रामीण युवाओं में उद्यमिता विकास एवं स्थायी पर्वतीय कृषि हेतु एक उभरती अवधारणा विषय पर आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया है।
सात दिवसीय इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यवहारिक एवं प्रायोगिक ज्ञान प्रदान किया गया। जिससे वे पर्वतीय क्षेत्रों में एग्रो-टूरिज्म को स्वरोजगार के प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित कर सकें। 20 फरवरी को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय शीतोष्ण बागवानी संस्थान, क्षेत्रीय केन्द्र मुक्तेश्वर, नैनीताल के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अरूण किशोर उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में फल उत्पादन, जैव विविधता एवं प्राकृतिक सुंदरता एग्रो-टूरिज्म के लिए बहुत बड़ी संभावनाएं रखती हैं। उन्होंने युवाओं को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं सही विपणन रणनीति अपनाने की सलाह दी, जिससे एग्रो-टूरिज्म को स्थायी आय के स्रोत के रूप में विकसित किया जा सके।
विशिष्ट अतिथि राजकीय इण्टर कॉलेज, काफलीगैर, बागेश्वर के प्रधानाचार्य राजीव निगम ने ग्रामीण युवाओं को उद्यमिता, कौशल विकास एवं शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एग्रो-टूरिज्म आय बढ़ाने के साथ ही स्थानीय संस्कृति, परम्परा एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का माध्यम भी है।
वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. राज कुमार ने कृषकों को इस प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने एवं अपने क्षेत्र में स्वरोजगार के नए आयाम स्थापित करने का आग्रह किया। विषय वस्तु विशेषज्ञों डा. एन.के. सिंह, हरीश चन्द्र जोशी एवं डॉ. अमित कुमार ने सभी प्रतिभागियों को कृषि एवं पशुपालन से एग्रो-टूरिज्म को बढ़ावा देने के विषय में जानकारी दी।
20 से 22 फरवरी तक प्रतिभागियों का शैक्षिक भ्रमण केन्द्रीय शीतोष्ण बागवानी संस्थान, क्षेत्रीय केन्द्र मुक्तेश्वर, नैनीताल में कराया गया। वहाँ विशेषज्ञों द्वारा पर्सिमोन (काकू फल), लीची एवं कीवी फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीक, पौध प्रबंधन, मूल्य संवर्धन तथा एग्रो-टूरिज्म से जोड़कर अतिरिक्त आय सृजन की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी।
भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों को गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं तकनीकी विश्वविद्यालय, पंतनगर भी ले जाया गया, जहाँ उन्होंने विभिन्न अनुसंधान इकाईयों, प्रसंस्करण इकाईयों एवं उन्नत कृषि तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। कार्यक्रम के अंतर्गत ऑनलाईन माध्यम से संस्थान के वैज्ञानिकों डा. अमित ठाकुर, डॉ. उत्कर्ष कुमार एवं डॉ. प्रकाश घासल ने कृषि के विभिन्न आयामों को एग्रो-टूरिज्म से जोड़कर प्रतिभागियों को अतिरिक्तं श्रोत सृजित करने के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान बिन्सर वाईल्डलाईफ सेंचुरी से संबंधित एक विशेष व्याख्यान भी आयोजित किया गया।
प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामीण युवाओं के लिए एग्रो-टूरिज्म आधारित उद्यमिता के नए मार्ग प्रशस्त किए।
कार्यक्रम में बागेश्वर जिले से कुल 25 कृषकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में नीरज जोशी, श्री मनोज कुमार, डा. राजेश कुमार मीणा, महेश सिंह, सौरभ सिंह तथा बहादुर सिंह आादि ने अहम भूमिका निभाई।
India Bharat News Latest Online Breaking News



