अल्मोड़ा: उत्तराखंड में लगातार हो रही पत्रकार उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर पत्रकारों में गहरा रोष व्याप्त है। इसी क्रम में उत्तराखंड प्रेस क्लब, अल्मोड़ा से जुड़े पत्रकारों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर पत्रकारों की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ज्ञापन में प्रदेश की दो हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए पत्रकारों ने कहा कि उधमसिंह नगर के खटीमा में पत्रकार दीपक फुलेरा द्वारा गैस सिलेंडरों से जुड़ी जनसमस्याओं पर रिपोर्टिंग करने पर एक भाजपा नेता की शिकायत पर उन पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। पत्रकारों ने इसे तथ्यहीन बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इसके अलावा ज्ञापन में कहा कि बाजपुर के पत्रकार विमल भारती के मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। विमल भारती ने पुलिस हिरासत के दौरान उनके साथ अमानवीय कृत्य किए जाने का आरोप लगाया है, जिसे पत्रकारों ने पुलिस की साख पर प्रश्नचिह्न बताया है।
प्रेस क्लब ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसमस्याओं की निष्पक्ष और पारदर्शी रिपोर्टिंग करना पत्रकारिता का धर्म है। पिछले कुछ समय से जिस तरह पत्रकारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, वह संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश लगाने जैसा है। यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए एक चिंताजनक स्थिति है।
ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों ने सरकार से दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। कहा कि पत्रकारों का उत्पीड़न तत्काल बंद किया जाए ताकि वे निर्भीक होकर अपना कार्य कर सकें।
ज्ञापन में प्रेस क्लब के अध्यक्ष जगदीश जोशी, उपाध्यक्ष कमलेश कनवाल, कोषाध्यक्ष संतोष बिष्ट, मोहित अधिकारी, कपिल मल्होत्रा, एसएस कपकोटी, रमेश जोशी, हरीश भंडारी, उदय किरौला, शिवेंद्र गोस्वामी, जेएस बिष्ट, नसीम अहमद, दिनेश भट्ट, अमित उप्रेती आदि सदस्यों के हस्ताक्षर हैं।
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