अल्मोड़ा: पहाड़ में मानव-वन्यजीव संघर्ष (human-wildlife conflict) लगातार बढ़ रहा है। गुलदार आए दिन लोगों पर हमलावर हो रहे है। गुलदार के अटैक से जिले में अब तक कई लोग जख्मी हो चुके है। यही नहीं कई लोग अपनी जान तक गंवा चुके हैं। एक बार फिर दिनदहाड़े गुलदार ने एक शख्स पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गया। जिसे मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। राहत की बात यह है कि चिकित्सकों ने घायल को खतरे से बाहर बताया है।
घटना आज सुबह सुबह करीब साढ़े 10 बजे की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक नगर के ब्राइट इंड कॉर्नर के पास स्थित रामकृष्ण कुटीर के कार्यालय का नवीनीकरण व मरम्मत का कार्य चल रहा है। जिसमें कुछ मजूदर कार्य कर रहे है। पेशे से कारपेंटर बिहार मूल निवासी सुरेंद्र शर्मा अपने कुछ साथियों के साथ अन्य दिनों की तरह रविवार को भी कार्यालय में लकड़ी काम काम कर रहे थे। इसी दौरान रामकृष्ण कुटीर में कार्य करने वाले एक कर्मचारी किसी काम से कार्यालय के अंदर वाले दूसरे कमरे में गए तो वहां पहले से गुलदार बैठा हुआ था। यह देख कर्मचारी के पैरो तले जमीन खिसक गई। उनके चिल्लाने पर गुलदार वहां से भागने की कोशिश करने लगा।

स्वयंसेवी नीरज भट्ट ने बताया कि कार्यालय से बाहर की ओर भागने के दौरान गुलदार ने कारपेंटर सुरेंद्र पर अटैक कर दिया। अन्य लोगों के शोर करने पर गुलदार जंगल की ओर भाग पड़ा। गुलदार ने सुरेंद्र के माथे पर पंजा मार उसे बुरी तरह घायल कर दिया। लहुलूहान हालत में उसे बेस अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। चिकित्सकों के मुताबिक सुरेंद्र की हालत खतरे से बाहर है।
इस घटना के बाद रामकृष्ण कुटीर व आस पास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। दिनदहाड़े गुलदार के हमले से लोग खौफजदा है। इधर रामकृष्ण कुटीर की ओर से घटना की सूचना जिला प्रशासन व वन विभाग को दी गई।
जंगल को छोड़कर गुलदार लगातार रिहायशी इलाकों की ओर रूख कर रहे है। नगर क्षेत्र में कई बार दो-तीन गुलदार एक साथ मूवमेंट करते हुए सीसीटीवी में कैद हो चुके है। ऐसे में लोग डर के साए में जीने को मजबूर है। खासतौर पर मजबूरी में देर रात घरों से बाहर जाने वाले तथा देर शाम तक कार्यालय से घर जाने वाले लोगों में गुलदार के अटैक का भय बना हुआ है।
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