-गैरसैंण स्थाई राजधानी की मांग को लेकर चलेगा प्रदेशव्यापी जन जागृति अभियान
अल्मोड़ा: गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थाई राजधानी घोषित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। स्थाई राजधानी गैरसैंण संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा लोगों को एकजुट करने व अभियान से जुड़ने की अपील के साथ इन दिनों प्रदेश व प्रदेश से बाहर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जनसंपर्क यात्रा गुरुवार को अल्मोड़ा पहुंची। यात्रा में मौजूद समिति के हर्षवर्द्धन बिष्ट व जगदीश ममगई ने यहां उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित बैठक में गैरसैंण को पूर्णकालिक राजधानी बनाने के संघर्ष के लिए एकजुट होने व अभियान को समर्थन देने की अपील की।
समिति के हर्षवर्द्धन बिष्ट व जगदीश ममगई ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों से जनसंपर्क करना है। गैरसैंण उत्तराखंड की स्थाई राजधानी क्यों जरूरी है, इस संबंध में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पहले चरण में कर्णप्रयाग, पौड़ी, माईथान, गैरसैंण में लोगों के साथ बैठक कर चर्चा की गई थी। जबकि दूसरे चरण में दिल्ली, रामनगर, हल्द्वानी के बाद अब अल्मोड़ा में जनसंपर्क किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि आगामी 30 जून को चौखुटिया में महापंचायत होगी। जिसमें राजनीतिक-सामाजिक संगठनों के सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता व अन्य लोग एकजुट होंगे। और 8 अगस्त से शुरू होने वाले प्रदेशव्यापी जन जागृति अभियान को लेकर विचार-विमर्श व कार्यक्रम की रुपरेखा तय की जाएगी।
बैठक में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी सी तिवारी ने कहा कि गैरसैंण उत्तराखंड की आत्मा है। प्रदेश की जनता पहले से ही गैरसैंण को स्थाई राजधानी मान चुकी थी। लेकिन प्रदेश में पिछले 24 सालों से बारी-बारी से सत्ता में आसीन होने वाली भाजपा-कांग्रेस ने उत्तराखंड की अवधारणा व यहां की जनता के साथ धोखा किया। उन्होंने कहा कि अगर उत्तराखंड की अवधारणा को साकार करना है और राज्य के अस्तित्व को बचाना है तो जनता को राज्य विरोधी तत्वों के खिलाफ एकजुट होकर स्थाई राजधानी गैरसैंण के संघर्ष के लिए उतरना होगा।
बैठक में किरन आर्या, भावना पांडे, राजू गिरी, मोहम्मद शाकिब समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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